दलित और राष्ट्रवाद/राष्ट्रीयता का सवाल (पाकिस्तान की मिटटी से)

Ganpat Rai Bheel

  लेखक: गणपत राय भील (Ganpat Rai Bheel) अनुवादक: फ़ैयाज़ अहमद फ़ैज़ी (Faiyaz Ahmad Fyzie) यह एक ऐसा सवाल है जो हर उस अन्तःमन में पलता है जो इस व्यवस्था और इसके सत्ताधारी साथियों के अत्याचार का शिकार है। हम इस विषय पर दलितों का नज़रिया रखने की कोशिश करेंगे। दलित पाकिस्तान में आबाद एक […]

राउंड टेबल इण्डिया के बारे में

‘अगर अछूत और दलित आवाज़ न उठाएँ, तो हिन्दुओं को उनकी हालत से कोई फर्क नहीं पड़ता है और वे पूरी तरह से उदासीन बने रहते हैं. चाहे दलित हजारों लाखों की संख्या में हों, वो कोई जहमत नहीं उठाते. लेकिन अगर अछूत खड़े हों और अस्तित्व के लिए लड़ें, तो वे उनकी पहचान नकारने […]