‘अगर अछूत और दलित आवाज़ न उठाएँ, तो हिन्दुओं को उनकी हालत से कोई फर्क नहीं पड़ता है और वे पूरी तरह से उदासीन बने रहते हैं. चाहे दलित हजारों लाखों की संख्या में हों, वो कोई जहमत नहीं उठाते. लेकिन अगर अछूत खड़े हों और अस्तित्व के लिए लड़ें, तो वे उनकी पहचान नकारने के लिये तैयार बैठे रहते हैं. वे बिना किसी खेद और पश्चाताप के अपने दायित्वों से मुकर जाते हैं.’
डॉ. बी. आर. अम्बेडकर |

राउंड टेबल इण्डिया यह मानता है कि यह युग अम्बेडकर का युग है, इस युग को आगे बढ़ाने का तथा उदारता, समानता और बंधुत्व के अम्बेडकरवादी आदर्शों के प्रकाश में समाज को नयी दिशा देने का समय मानता है| समाचारों और सूचनाओं के एक पटल के रूप में राउंड टेबल इण्डिया का लक्ष्य सीमित रास्तों के जरिये सूचना और आपसी ताल-मेल दोनों उपलब्ध कराना है, जिसके माध्यम से दलित और बहुजन समाज, दोनों का विकास हो और वे उन आदर्शों को साकार करने के लिये , अम्बेडकरवादी युग के लिये काम करें |

राउंड टेबल इण्डिया यह मानता है कि, भारतीय मीडिया ने प्रमुख सामाजिक बलों के साथ मिलकर अस्पृश्यता और जाति के अस्तित्व को नकारने में और एक असमान और अन्यायपूर्ण सामाजिक व्यवस्था को बनाये रखने में मत्वपूर्ण भूमिका निभाई है| इसे लगातार तोड़ मरोड़ कर एक ‘दलित समस्या ‘ के रूप में पेश किया जाता रहा है, जिसे डॉ. अम्बेडकर ने कभी ‘हिन्दू समस्या’ के रूप में देखा था|  मुख्यधारा की मीडिया और तथाकथित समानांतर मीडिया, दोनों उसी सामाजिक तत्व द्वारा नियंत्रित होते हैं| जब तक दूसरे आपकी दुनिया की व्याख्या करते रहेंगे, तब तक आप इसे कैसे बदल सकते हैं ?

राउंड टेबल इण्डिया मुख्यधारा की मीडिया से भी समाचारों को एकत्रित करके , उन्हें समाज और राजनीति के आधार पर सूचीबद्ध करके बहुजन-दलित समाज के लिये लाएगा| साथ ही साथ राउंड टेबल इण्डिया दलित बहुजन दृष्टिकोण से उन मुद्दों को ढूंढने और उनको उजागर करने की कोशिश करेगा और दुनिया को अपने नजरिये से समझने और उसकी व्याख्या करने की कोशिश करेगा|  संक्षेप में राउंड टेबल इण्डिया एक ऐसे दलित-बहुजन मीडिया स्रोत के रूप में काम करेगा जो उनकी  आँख और कान से चीजों को देखता सुनता है, और उनके  मुँह से बोलता है|

अपने पाठकों और उपयोगकर्ताओं के लिए, राउंड टेबल इण्डिया एक मंच, एक स्रोत और एक साधन होगा| एक मंच के रूप में यह दलित बहुजन नजरिये को ऑनलाइन अभिव्यक्ति के एकीकृत माध्यम उपलब्ध करायेगा | समाचारों और तत्कालीन मुद्दों पर नियमित कॉलम्स, ब्लॉग्स, मल्टीमीडिया अभियक्ति और रचनात्मक सृजन जैसे कविता, लघु-कथाएँ भी उपलब्ध कराएगा|

राउंड टेबल इण्डिया  उन युवा बहुजन दलितों के लिये एक प्रकार का संशाधन ,सूचना-संग्रहण या पुस्तकालय होगा जो कि समान विचारधारा के बुद्धिजीवियों, लेखकों और कार्यकर्ताओं के विचार और अनुभव जानना चाहते हैं| इसके साथ ही , यहाँ डॉ. अम्बेडकर और फुले जैसे विचारकों के लेख भी होंगे जो उन्हें दलित इतिहास, घटनाओं, आंदोलनों और व्यक्तित्वों के बारे में जानने का मौका देंगे जिससे वे इस समय को और बेहतर रूप में समझ सकेंगे|

अंत में, राउंड टेबल युवा दलितों के लिए एक दूसरे से जुड़ने में एक उपकरण की तरह सहायक होगा और उन्हें वाद विवाद और चर्चाओं की सुविधा उपलब्ध कराएगा|

भानु प्रताप सिंह – फाउंडर
अनु रामदास – फाउंडर और एडिटर
कुफीर (नरेन बेडिदे) – फाउंडर और एडिटर
गुरिंदर आज़ाद – एडिटर

Bhanu Pratap Singh – Founder
Anu Ramdas – Founder and Editor
Kuffir (Naren Bedide) – Founder and Editor
Gurinder Azad – Editor

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