पीऍफ़आई (PFI) पर लगे प्रतिबन्ध पर पसमांदा प्रतिक्रिया

December 13, 2022 administrator 0

इस सवाल का जवाब तो देना होगा न कि मुसलमानों का 85% पसमांदा समाज आज अगर गलाज़त में जी रहा है तो कसूरवार कौन है? सरकार को तो हम जी भर के गालियां देते ही हैं पर अब हमें अशराफ मुस्लिम रहनुमाओं से सवाल करने होंगे। हमारे मुसलिम समाज के धार्मिक और राजनीतिक रहनुमाओं ने कौन-सी रणनीति बनाई है जिस पर चल कर यह समाज अपनी गलाज़त से निकल सके? शिक्षा और रोज़गार क्या हमारी मुस्लिम राजनीति का हिस्सा है भी? ये समस्याएँ आखिर कभी राष्ट्रीय बहस का हिस्सा क्यों नहीं बन पाती हैं? तलाक के मुद्दे पर तो सड़कें भर देने वाले हमारे धार्मिक रहनुमा क्या इन मुद्दों पर कभी सड़कों पर निकले हैं? हिंदुत्व (फासिस्ट ताकतों) को मुसलमानों का सबसे बड़ा खतरा बताने वाले हमारे रहनुमाओं ने उससे लड़ने के लिए कौन-सी लोकतांत्रिक रणनीति समाज को दी है? कैसे हम इस खतरे का मुकाबला करें? क्या कोई तरीका है मुसलिम समाज के पास?

Sanjay Shraman Jothe 3 7 19

गुरु नानक देव और धार्मिक-सामाजिक क्रांति

November 14, 2019 administrator 0

संजय जोठे (Sanjay Jothe) गुरु नानक इस देश में एक नयी ही धार्मिक-सामाजिक क्रान्ति और जागरण के प्रस्तोता हैं। पूरे मध्यकालीन संत साहित्य में जिन […]

Dhamma

जाति आधारित गैरबराबरी में विश्वास- अवैज्ञानिकता, अनैतिकता और मूर्खता

September 7, 2018 Gurinder 0

  धम्म दर्शन निगम (Dhamma Darshan Nigam) जो इंसान ठगी और दूसरों को मूर्ख बनाने का रास्ता अपनाता है वह सिर्फ दूसरे ठगों द्वारा ही […]

sanjay jothe2

…ये सबसे सुरक्षित और सबसे कारगर काम है

August 9, 2017 Gurinder 0

  संजय जोठे  (Sanjay Jothe) भारत के दलितों आदिवासियों, ओबीसी (शूद्रों) और मुसलमानों को मानविकी, भाषा, समाजशास्त्र, दर्शन इतिहास, कानून आदि विषयों को गहराई से […]