ब्राह्मण का एकेडेमिया (कविता)

(ओम प्रकाश वाल्मीकि जी की कविता ‘चूल्हा मिटटी का’ के बहाव व् अंदाज़ से प्रेरित एक कविता)विकास कुमार (Vikash Kumar)शिक्षक यूनिवर्सिटी कायूनिवर्सिटी सरकार कीसरकार ब्राह्मण कीपढ़ाई किताब कीकिताब लेखक कीलेखक प्रकाशक काप्रकाशक ब्राह्मण काशोधार्थी ब्राह्मण कामंच ब्राह्मण काइतिहास के पन्नों में जीवनी अपनीव्याख्या ब्राह्मण कीस्कूल ब्राह्मण कायूनिवर्सिटी ब्राह्मण कीप्रोफेसर ब्राह्मण कासीट-पोस्ट-कोर्ट ब्राह्मण काफ़िर अपना क्या?विद्यालय?महाविद्यालय?विश्वविद्यालय?~~~विकास […]

मान्यवर के जेल भरो आंदोलन की 37वी वर्षगांठ और मंडल कमीशन की सिफारिशें

(प्रोफेसर विवेक कुमार) Professor Vivek Kumar आज बहुजन समाज पार्टी द्वारा मंडल कमीशन में  पिछड़ी जातियों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान हेतु की गई सिफारिशों को लागू करवाने हेतु जेल भरो आंदोलन की 37वी  वर्षगांठ है. 37 वर्ष पहले 1 से 14 अगस्त, 1984, के दौरान बहुजन समाज पार्टी ने मंडल कमीशन लागू कराने हेतु […]

सारपट्टा परंबराई- सवर्ण परंपरा पर एक मुक्का

जेएस विनय (JS Vinay) “अत्त दीपो भव:– अपना दीपक खुद बनो” ~ बुद्ध “आपको अपनी गुलामी खुद ही खत्म करनी होगी. इसके उन्मूलन के लिए भगवान या सुपरमैन पर निर्भर न रहें। याद रखें कि यह पर्याप्त नहीं है कि लोग संख्यात्मक रूप से बहुमत में हैं. सफलता प्राप्त करने और बनाए रखने के लिए उन्हें […]

क्या हिन्दू (ब्राह्मण) धर्म अल्पमत में आ जाएगा?

satvendra madara

सतविंदर मनख (Satvinder Manakh) 2021 में जनगणना होने जा रही है. इसमें देश की बहुत सारी पिछड़ी और अनुसूचित जतियाँ, अपना धर्म क्या लिखवाएंगी, इसे लकर विवाद लगातार बना हुआ है.  देश की अनसूचित जातियों में तो यह विषय, बाबासाहेब अंबेडकर के 14 अकतूबर, 1956 में हिन्दू धर्म छोड़ बुद्ध धर्म अपनाने के बाद से […]

ऐसे थे अपने पेरियार साहेब

गुरिंदर आज़ाद (Gurinder Azad) ब्राह्मणवाद से आक्रामक रूप से निपटने की सबसे अमीर विरासत अगर किसी ने बनाई है तो वह हैं हम सबके पेरियार साहेब. उनका पूरा नाम था- इरोड वेंकटप्पा रामासामी नायकर. पेरियार का अर्थ है ‘एक महान व्यक्ति’. बहुजन युवा आज सोशल मीडिया पर अपनी आक्रामकता और बेचैनी को उनके कथनों को […]

‘कब तक मारे जाओगे’- वैचारिक आंदोलन का निर्माण करती कविताएँ

R.D. Anand

आर. डी. आनंद (R. D. Anand) युवा कवियों में बहुख्यातिप्राप्त कवि नरेंद्र वाल्मीकि द्वारा संपादित कविता-संग्रह “कब तक मारे जाओगे” वर्ष 2020 के जुलाई माह में सिद्धार्थ बुक्स, दिल्ली द्वारा प्रकाशित होकर हमारे हाथों में हैं. पुस्तक के प्रथम फ्लैप पर डॉ. जय प्रकाश कर्दम और द्वितीय पर डॉ. कर्मानंद आर्य की महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ हैं. […]

करम पर्व: प्राकृतिक दर्शन और सामुदायिक सहभागिता का महापर्व

डॉ. सूर्या बाली ‘सूरज धुर्वे’ (Dr. Suraj Bali ‘Suraj Dhurve’) करम पर्व प्रकृति को संरक्षित और समृद्ध करने के साथ साथ कोइतूर जीवन को गति देने वाला त्योहार है.  यह कोया पुनेमी1 पाबुन2 भादों उजियारी पाख की एकादशी और उसके आसपास मनाया जाता है. चूंकि यह उजियारी पाख का पर्व है इसलिए इसे पाबुन कहते हैं. […]

2021 में बहुजन किस धर्म की और रुख़ करेंगे?

satvendra madara

सतविंदर मनख (Satvendar Manakh) 2021 में पिछड़ों, दलितों, आदिवासियों का धर्म क्या होगा? हिन्दू, मुसलमान, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन? 2021 में अगली जनगणना होने जा रही है। इसमें पिछड़े, दलित, आदिवासी(OBC, SC, ST) क्या फिर से अपने को “हिन्दू” लिखवाएंगे? या जिस धर्म ने उन्हें शूद्र, अछूत, ग़ुलाम बनाया, वो इसे छोड़ “इस्लाम, ईसाई, सिख, […]

टीना डाबी के दफ्तर-प्रवेश का ब्राह्मणी कर्मकांड बनाम वैज्ञानिक चेतना की कसौटी

अरविंद शेष (Arvind Shesh) बेशक इसरो के चीफ वैज्ञानिक माधवन नायर या वैज्ञानिक राधाकृष्णन या वैज्ञानिक के. शिवन के मुकाबले आइएएस टीना डाबी की जिम्मेदारी ज्यादा है अंधविश्वासों के खिलाफ वैज्ञानिक चेतना को निबाहने की, उसे मजबूत करने की! इसरो के वैज्ञानिक माधवन नायर या राधाकृष्णन अगर किसी भी अंतरिक्ष यान के प्रक्षेपण के पहले […]

यहाँ एक तस्वीर है

[smartslider3 slider=2] अनु रामदास (Anu Ramdas) कुछ समय पहले की बात है जब मैं एक शूद्र संत-कवि सरलादास द्वारा लिखित उड़िया महाभारत के अनुवाद की तलाश कर रही थी. द शेयर्ड मिरर  पर सरला की गंगा पर केंद्रित एक अंश को पोस्ट करने के लिए उत्सुक थी. इसलिए मैं पुस्तकालय और इंटरनेट पर इन पर […]