कवि कृष्णचंद्र रोहणा की रचनाओं में सामाजिक न्याय एवं जाति विमर्श

Deepak Mevati

डॉ. दीपक मेवाती (Dr. Deepak Mewati) सामाजिक न्याय सभी मनुष्यों को समान मानने पर आधारित है। इसके अनुसार किसी भी व्यक्ति के साथ सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, धार्मिक आधार पर किसी भी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। मानव के विकास में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं की जानी चाहिए। सामाजिक न्याय की अवधारणा का अर्थ भारतीय समाज […]

भीम जीवन कथा (कविता)

Deepak Mevati

दीपक मेवाती ‘वाल्मीकि’ (Deepak Mevati ‘Valmiki’)     महाराष्ट्र का गाँव अंबावडे, अंबावडे में रहते सकपाल घर उनके जन्मा एक बालक, आगे चल जिसने किये कमाल। चौदह अप्रैल अठारह सौ इक्यानवे, जिस पल भीम का जन्म हुआ चौदहवीं सन्तान भीमा ने पाई, भीम था उसको नाम दिया।।   हष्ट-पुष्ट और चंचल बालक, अति बुद्धि और ज्ञानवान पढ़ाई में बिल्कुल अव्वल […]

जिसका मुद्दा उसकी लड़ाई, जिसकी लड़ाई उसकी अगुवाई

लेनिन मौदूदी (Lenin Maududi) जामिया से मैंने समाजशास्त्र में अपना स्नातक किया है. यहाँ कई विचारकों को पढ़ने का मौका मिला पर इन विचारकों में बाबा साहब अम्बेडकर हमारे सिलेबस (syllabus) में शामिल नहीं थे. उस वक़्त मुझे ये बात समझ में नहीं आई कि ऐसा क्यों है कि बाबा साहब आंबेडकर जैसे विचारक को, जिन्होंने जातिय व्यवस्था पर इतना […]

किसकी चाय बेचता है तू (Whose Tea Do You Sell)

  Braj Ranjan Mani किसकी चाय बेचता है तू ~ ब्रजरंजन मणि अपने को चाय वाला क्यूँ कहता है तू बात-बात पे नाटक क्यूँ करता है तू चाय वालों को क्यों बदनाम करता है तू साफ़ साफ़ बता दे किसकी चाय बेचता है तू !   खून लगाकर अंगूठे पे शहीद कहलाता है और कॉर्पोरेट माफिया में मसीहा देखता है […]