सामाजिक न्याय में मात्र जातिगत आंकड़े पर्याप्त नहीं !

May 30, 2025 administrator 0

अच्छेलाल प्रजापति (Achchhelal Prajapati) भारत में जाति सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक संरचना का एक केंद्रीय तत्व रही है, जो संसाधनों के वितरण और सामाजिक असमानताओं […]

‘भीमबाबा’ वर्तमान और भावी पीढ़ी के लिए एक बहुमूल्य पुस्तक

May 21, 2023 administrator 1

जब भी हम किसी किताबों की दुकान पर जाते हैं, तो हमें काल्पनिक चरित्रों और अवास्तविक कहानियों पर आधारित किताबों और कॉमिक्स का भंडार दिखाई देता है। हालाँकि महान सामाजिक नेताओं पर साहित्य की हमेशा कमी रहती है, जिन्होंने सामाजिक असमानता को दूर करने और सभी मनुष्यों के लिए एक बेहतर दुनिया की स्थापना के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।

‘भीमबाबा’ पुस्तक निश्चित रूप से इस अंतर या खाई को भरती है। यह पुस्तक केवल बच्चों के लिए ही नहीं बल्कि उनके माता-पिता के लिए भी है क्योंकि लेखक ने भारतीय समाज में जाति व्यवस्था और पितृसत्ता जैसे गंभीर और महत्वपूर्ण मुद्दों को समझदारी के साथ सामने रखा है। उन्होंने बच्चों में प्रश्न पूछने के चलन को भी बढ़ावा दिया है।