नवयान दर्शन : बुद्ध की शिक्षाओं का आधुनिक विवेचन (पुस्तक समीक्षा)
भिक्खुनी विजया मैत्रीय (Bhikkhuni Vijaya Maitriya) किताब का शीर्षक: नवयान दर्शन : बुद्ध की शिक्षाओं का आधुनिक विवेचन लेखक: डॉ. रत्नेश कातुलकर पृष्ठ संख्या: 264 […]
भिक्खुनी विजया मैत्रीय (Bhikkhuni Vijaya Maitriya) किताब का शीर्षक: नवयान दर्शन : बुद्ध की शिक्षाओं का आधुनिक विवेचन लेखक: डॉ. रत्नेश कातुलकर पृष्ठ संख्या: 264 […]
दीक्षाभूमि वह स्थल, जहाँ 14 अक्टूबर 1956 को डॉ. बाबासाहेब आम्बेडकर ने अपने लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म की दीक्षा ली थी, आज अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रहा है. हालात यही रहे तो यहाँ धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस पर आने वाले जनसमूह का प्रवेश हमेशा के लिये प्रतिबंधित हो जाएगा.
कारण यह है कि इस स्थल पर महाराष्ट्र सरकार के आदेशानुसार पिछले कुछ महीनों से इस परिसर की ज़मीन खोद कर वाहनों के लिये तीन मंज़िली पार्किंग का निर्माण शुरु हो गया है. अब तक इतनी ज्यादा मिट्टी खोदी जा चुकी है कि उसका ढेर दीक्षाभूमि के स्तूप की बराबरी कर चुका है.
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