तेलुगु कहानी संग्रह ‘रायाक्का मान्यम’ में दलित नारी चेतना का स्वर
डी. अरुणा (D. Aruna) दलित कहानियों में सामाजिक पीड़ाएँ एवं शोषण के विविध आयाम खुलकर तर्कसंगत रूप से अभिव्यक्त हुए हैं। ग्रामीण जीवन में […]
डी. अरुणा (D. Aruna) दलित कहानियों में सामाजिक पीड़ाएँ एवं शोषण के विविध आयाम खुलकर तर्कसंगत रूप से अभिव्यक्त हुए हैं। ग्रामीण जीवन में […]
सतविंदर मदारा (Satvendar Madara) यूरोपीय मूल के लोगों द्वारा अफ्रीकी मूल के अश्वेत लोगों के साथ किया जाने वाला नस्लीय भेदभाव हो या भारतीय […]
मुदासिर अली लोन (Mudasir Ali Lone) जब भी कोई कश्मीर में जातिवाद की बात करता है तो हम अक्सर “नही” में अपना सिर हिलाते हैं। […]
सुमन देवठिया (Suman Devathiya) ऑल इंडिया दलित महिला अधिकार मंच (दिल्ली) की ओर से दिनांक 19-20 दिसम्बर 2017 को सावित्री बाई फूले यूनिवर्सिटी, पूना के […]
संजय जोठे (Sanjay Jothe) बहुजन (ओबीसी, दलित,आदिवासी, अल्पसंख्यक) समाज को अपनी पहचान और अपना नाम खुद तय करना चाहिए। किसी अंधविश्वासी, शोषक, असभ्य और […]
सतविंदर मदारा (Satvendar Madara) 6 दिसंबर 1992 को बाबासाहब के परिनिर्वाण दिवस पर, जब देश की ब्राह्मणवादी ताक़तों ने बाबरी मस्जिद को गिराया, तो […]
Copyright © 2026 | WordPress Theme by MH Themes