Nurun N Zia Momin

ज़कात और तथाकथित सैयद

November 27, 2017 Gurinder 0

  एड0 नुरुलऐन ज़िया मोमिन (Adv. Nurulain Zia Momin) निःसन्देह इस्लाम में इबलीसवाद【1】के लिए कोई स्थान नहीं है किन्तु ये भी सत्य है कि कुछ […]

Sanjay Jothe1

शौच और शौचालय की नजर से भारतीय संस्कृति के ‘शीर्षासन माडल’ का विश्लेषण

November 22, 2017 Gurinder 0

  संजय जोठे (Sanjay Jothe) “…. यहाँ जिन लोगों को ब्रह्मपुरुष के मस्तिष्क ने जन्म दिया उनका मस्तिष्क कोइ काम नहीं करता, भुजाओं से जन्मे […]

faqir

हाशिए के समाज और पहचान का संकट

November 18, 2017 Gurinder 0

जय प्रकाश फ़ाकिर (Jay Prakash Faqir) [प्रस्तुत आलेख जय प्रकाश फ़ाकिर द्वारा उपरोक्त विषय पर दिए गए व्याख्यान का हिस्सा है, जो उन्होंने DEMOcracy द्वारा आयोजित एक […]

Faiyaz Ahmad Fyzie

रद्द-ए-सर सैयद – सर सैयद का निरस्तीकरण

November 16, 2017 Gurinder 0

  फ़ैयाज़ अहमद फैज़ी (Faiyaz Ahmad Fyzie)  जब पसमांदा आंदोलन ने सर सैयद अहमद खाँ के राष्ट्रविरोधी, इस्लाम-विरोधी, महिला शिक्षा विरोधी, पसमांदा विरोधी और जातिवादी […]

Nurun N Zia Momin

सैयदवाद ही इबलीसवाद है?

November 13, 2017 Gurinder 2

  एड0 नुरुलऐन ज़िया मोमिन (Adv. Nurulain Zia Momin) इस लेख को लिखने की आवश्यकता इसलिए महसूस हुई क्योंकि पसमांदा आन्दोलन से सम्बन्धित व्यक्तियों, पसमांदा संगठनो […]

khakse

आंबेडकरवादी राजनीतिक दर्शन के परिपेक्ष्य में फ़िल्म ‘न्यूटन’ की वैचारिक समीक्षा

November 10, 2017 Gurinder 0

ऋषिकेश देवेंद्र खाकसे (Hrishikesh Devendra Khakse) जीवन के लगभग हरेक क्षेत्र मे प्रतिगामी विचारधारा का नायकत्व विद्यमान है. टेलीव्हिजन, फिल्म तथा माध्यम जगत का क्षेत्र […]