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 मैल्कम एक्स (Malcolm X)

malcolm x 300x300सभापति महोदय, Reverend (आदरणीय, पादरी के लिए) Cleage (क्लीग), भाईयों और बहनों और मैं देख रहा हूँ – कुछ दुश्मनों को (हँसी, तालियां).

 

मैं समझता हूँ कि हम अपने आप को बेवकूफ बना रहे होंगे, अगर यहाँ इतने ज़्यादा लोग मौजूद होने के बाद भी हम यह न समझ पाएँ कि इनमें से कुछ दुश्मन भी होंगे. आज हम बात करना चाहते हैं “The Ballot or the Bullet” (वोट या बंदूक) के बारे में. “The Ballot or the Bullet” शीर्षक से ही हम इसका मतलब समझ सकते हैं. पर इससे पहले कि हम इस पर बात करें, जबकि यह साल  “The Ballot or the Bullet” (वोट या बंदूक) का है, मैं कुछ बातों को साफ करना चाहता हूँ, जो मेरे बारे में कही जाती हैं; मेरी निजी राय के बारे में. 

 

मैं अभी भी एक मुसलमान हूँ और यह मेरा धर्म है. मेरा धर्म अभी भी इस्लाम है. मैं अभी भी Mr. Mohammad (इलाईजा मोहम्मद, नेशन ऑफ़ इस्लाम संस्था के संस्थापक, जो मैलकम एक्स के गुरु थे) को श्रेय देता हूँ, मैं आज जो हूँ और जो भी मुझे पता है, उन्होंने ही मेरी ऑंखें खोलीं. अभी मैं नयी बनी मुस्लिम मस्जिद (रजि.), जिसका दफ्तर टेरेसा होटल, जो कि हारलेम (न्यू यॉर्क शहर में बसी अफ़्रीकी लोगों की बस्ती) में हैं, जो कि अश्वेत लोगों का क्षेत्र है. 

 

जब हमें पता चला कि Adam Clayton Powell (एडम क्लेटन पॉवेल) एक ईसाई पादरी हैं, जो Abyssinian Baptist Church (एबीसीनियन बैपटिस्ट गिरजाघर) के मुखी हैं, साथ ही वो अपने राजनीतिक संघर्ष के लिए ज़्यादा जाने जाते हैं. 

 

और Dr.King (मार्टिन लूथर किंग) एक ईसाई पादरी हैं एटलांटा, जॉर्जिया (अमरीकी राज्य) से, पर वो अपने नागरिक अधिकारों (Civil Rights) के संघर्ष में शामिल होने की वजह से ज़्यादा मशहूर हो चुके हैं. न्यू यॉर्क में एक और Reverand Galamison (पादरी गेलेमिसन) हैं, मुझे पता नहीं आपने यहाँ उनका नाम सुना है या नहीं, वो एक ईसाई पादरी हैं Brooklyn (न्यू यॉर्क का एक और अश्वेत इलाका) से, लेकिन वो अपने Segregated School System (गोरों और कालों के अलग-अलग स्कूलों की व्यवस्था) के खिलाफ ब्रुकलिन में संघर्ष के लिए ज़्यादा मशहूर हैं. 

 

Reverand Cleage (पादरी क्लिग), जो यहाँ हैं; एक ईसाई पादरी हैं. वो Freedom Now Party (अभी आज़ादी पार्टी) के मुखी हैं. यह सभी ईसाई पादरी हैं, लेकिन यह हमारे पास ईसाई पादरी के नाते नहीं आते. यह हमारे पास किसी और क्षेत्र में एक योद्धा के तौर पर आते हैं. मैं एक मुस्लिम पादरी हूँ. ठीक उसी तरह से जैसे यह ईसाई पादरी हैं. मैं एक मुस्लिम पादरी हूँ. और मैं आज किसी एक मोर्चे पर नहीं बल्कि सभी मोर्चों पर लड़ने में विश्वास रखता हूँ (तालियां). असल में, मैं एक Black Nationalist Freedom Fighter (अश्वेत राष्ट्रवादी स्वतंत्रता सेनानी) हूँ (तालियाँ). 

 

इस्लाम मेरा धर्म हैं, पर मैं यह मानता हूँ कि मेरा धर्म मेरा व्यक्तिगत मामला हैं. यह मेरी निजी ज़िन्दगी को नियंत्रित करता है, मेरे व्यक्तिग सिद्धांतों को. और मेरे मज़हबी सिद्धांत मेरे और मेरे भगवान के बीच हैं, जिसमें मैं विश्वास करता हूँ. ठीक वैसे ही, जैसे इनके धार्मिक सिद्धांत, इनके और इनके भगवान के बीच हैं, जिसमें यह विश्वास करते हैं. और यह इसी तरह बेहतर हैं. अगर हम यहां धर्म पर चर्चा करेंगे, तो शुरुआत में ही हममें बहुत सारे मतभेद हो जायेंगे और हम कभी भी संगठित नहीं हो पाएंगे. 

 

तो आज इस्लाम मेरा धार्मिक सिद्धांत तो है पर मेरे राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक सिद्धांत Black Nationalism (अश्वेत राष्ट्रवाद) हैं (तालियां). आप और मैं, जैसा कि मैंने कहा – अगर हम धर्म को आगे लाते हैं तो हममें मतभेद होंगे; हममें बहस होगी और हम कभी भी इकठ्ठा नहीं हो पाएंगे. लेकिन अगर हम अपने धर्म को घर पर रखें, अपने धर्म को अपने और अपने भगवान तक रखें और जब हम यहाँ आयें, हम एक ऐसी लड़ाई में आयें जो सबकी एक है, एक ऐसे दुश्मन के साथ जो सबका एक है. 

 

अश्वेत राष्ट्रवाद (Black Nationalism ) के राजनीतिक सिद्धांतों का सिर्फ यही मतलब है कि काले लोग अपने इलाके की राजनीति और नेताओं पर काबू रखें. वो दौर, जब गोरे लोग हमारे इलाकों में आए और हमसे उनके लिए वोट करवाये ताकि वो हमारे राजनेता बन हमें बताएं कि क्या करना है और क्या नहीं करना है- वो वक़्त जा चुका है. इसी उपलक्ष में, वो समय जब यही गोरा आदमी यह जानते हुए कि आपकी ऑंखें खुली हैं, किसी दूसरे नीग्रो को बस्ती में भेज देता था ताकि आप से और मुझसे अपना समर्थन करवा सके. ताकि उसका इस्तेमाल करके हमें भटका सके- भी जा चुका है (तालियाँ). 

 

Black Nationalism के राजनीतिक सिद्धांतों का यही मतलब है कि जब आपको और मुझे अश्वेतों की ही बस्ती में रहना है क्योंकि जैसे ही आप अपनी बस्ती से उनकी बस्ती में रहने के लिए जाते हैं वो थोड़े समय के लिए तो घुलमिल जाते हैं, पर फिर वो वहाँ से चले जाते हैं और आप वहाँ फिर अकेले रह जाते हो; हमें अपनी बस्तियों की राजनीति को समझना होगा और हमें समझना होगा कि राजनीति से क्या फ़ायदा होना चाहिये? 

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हमें समझना होगा कि राजनीति हमारे जीवन में क्या भूमिका निभाती है. और जब तक हम राजनीतिक तौर पर समझदार नहीं होते हैं, हम हमेशा गुमराह होते रहेंगे, भटकाये जायेंगे या धोका खाएंगे या किसी को राजनीतिक तौर पर समर्थन करने के लिए छले जायेंगे, जिसके दिल में हमारे समाज के लिए कोई भला न हो. तो अश्वेत राष्ट्रवाद के राजनीतिक सिद्धांत का यही मतलब है कि हमें एक कार्यक्रम बनाना है, एक राजनीतिक कार्यक्रम, लोगों को जागरूक करने का ताकि उनकी ऑंखें खुल सकें. जो हमें राजनीतिक तौर पर जागरूक कर सके, राजनीतिक समझदारी दे सकें और तब जब हम वोट देने के लिए तैयार हो जाएँ, वो वोट अपने समाज के किसी ऐसे आदमी को पड़ेगा, जो दिल से अपने समाज का भला चाहता हो. 

 

Black Nationalism की आर्थिक नीति का यही मतलब है कि हमें अपनी बस्ती के कारोबारों के खुद मालिक होना और उन्हें चलाना है. आप कभी नहीं — आप कभी भी एक अश्वेत दुकान गोरों की बस्ती में नहीं खोल सकते. गोरे लोग कभी भी आपको सहयोग नहीं करेंगे और वो गलत नहीं हैं. उन्हें अपने आप का ख्याल रखने की समझ है. आप ही लोग हैं, जिसे इतनी समझ नहीं है कि अपना ख्याल रख सकें (तालियाँ). 

 

गोरे लोग बहुत समझदार हैं. वे किसी और को अपनी बस्ती में आकर कारोबार नहीं करने देते ताकि उसका उनकी बस्ती पर नियंत्रण न हो सके. लेकिन आप किसी को भी आने देते हो और अपनी बस्ती के कारोबार को नियंत्रण करने देते हो, घरों पर नियंत्रण, शिक्षा पर नियंत्रण, नौकरियों पर नियंत्रण, कारोबारों पर नियंत्रण, इस वहम में कि आपको मिलजुल कर रहना है. नहीं, आपका दिमाग खराब है (हंसी, तालियाँ). 

 

Black Nationalism के राजनीतिक, आर्थिक सिद्धांत का यही मतलब है कि हमें एक ऐसे कार्यक्रम में शामिल होना है, जो हमारे लोगों को दुबारा से शिक्षित करे और इस बात की ज़रूरत को समझाए कि जब आप अपना पैसा, अपने लोगों के बाहर खरचते हैं, जिसमें आप रहते हैं, तो जिन लोगों में आप अपना पैसा खरचते हैं वो अमीर से अमीर होते जाते हैं; जिन लोगों के द्वारा पैसा खर्चा जाता है वो गरीब से गरीब होते जाते हैं. और क्योंकि यह नीग्रो (अफ़्रीकी मूल के अमरीका में रह रहे लोग), जिनको गुमराह और बरगलाया गया है; अपने पैसे को ले जाकर दूसरे के हाथों में देते हैं, वो आदमी अमीर से अमीर होता जाता है और आप गरीब से गरीब होते जाते हैं. और फिर क्या होता है? उस बस्ती, जिसमें आप रहते हैं वो एक झोपड़पट्टी बन जाती है, एक झुग्गी बन जाती है, वहाँ की हालत खराब हो जाती है. और फिर आप ही खराब घरों और बुरी हालत की शिकायत करते हैं. लेकिन आपने खुद ही तो उसको बर्बाद किया, जब आपने अपना पैसा दूसरे को दिया. 

 

आप और मैं दोहरे जाल में फंसे हुए हैं क्योंकि न सिर्फ हम अपने पैसे को दूसरी जगह ले जाकर और खर्च कर, बर्बाद होते हैं; जब हम अपनी ही बस्ती में खरचते हैं तब भी हम फंसते हैं क्योंकि हमें इतनी भी अक्ल नहीं है कि हम अपनी दुकानें खोलें और अपनी बस्ती के कारोबार पर नियंत्रण रखें. वो आदमी जो हमारे इलाके की दुकानों को चलाता है, वो ऐसा आदमी है जो हमारी तरह नहीं दिखता. वो एक ऐसा आदमी है जो हमारे मोहल्ले में भी नहीं रहता है. तो आप और मैं, जब अपने ही मोहल्ले में अपना पैसा खरचते हैं, अपने इलाके में खरचते हैं, तो हम उसे ऐसे आदमी को देते हैं, जो जब सूरज ढलता है तो रुपयों का वो भरा बस्ता लेकर शहर के दूसरे हिस्से में चला जाता है. तो हम फंस चुके हैं, दोहरे जाल में, तिहरे जाल में, जहाँ भी हम जाते हैं; हम पाते हैं कि हम फंसे हुए हैं. और किसी भी तरह का कोई उपाय लेकर आता है, तो वो एक और जाल होता है. लेकिन Black Nationalism की राजनीतिक और आर्थिक विचारधारा, हमारे लोगों को इन छोटी दुकानों को बनाकर चलाने और फिर उन्हें एक बड़े व्यवसाय में विकसित करने के महत्त्व को समझाती है. 

 

Woolworth (वूलवर्थ – एक बड़ी अमरीकी कंपनी जो घरेलू चीज़ों को बेचती है) ने एक बड़ी दुकान के तौर पर शुरू नहीं किया था, जैसी वो आज है? उन्होंने एक छोटी दुकान से शुरुआत की थी और फिर बढ़ते-बढ़ते आज वो पुरे देश और दुनिया में फ़ैल चुका है और उनके पास सबका पैसा है. और यहां हम और आप हैं. 

 

General Motors (गाड़ियां बनाने वाली बड़ी अमरीकी कंपनी) भी ठीक उसी तरह. उन्होंने ने भी ऐसी शुरुआत नहीं की थी. उन्होंने बिलकुल एक छोटे से स्तर से शुरुआत की थी और बढ़ते-बढ़ते आज वो वहाँ हैं, जहाँ आज नज़र आते हैं. और आपको और मुझे भी शुरुआत करनी होगी और हमारी बस्ती ही सबसे अच्छी जगह है शुरुआत करने की, जहाँ हम रहते हैं. 

 

तो हमारे लोगों को न सिर्फ अश्वेत कारोबारों को सहयोग करने के लिए दुबारा से शिक्षित करना होगा बल्कि काले लोगों को कारोबारों को शुरू करने के बारे में भी जागरूक करना होगा. और एक बार आप और हम कारोबार शुरू करते हैं, हम अपनी दुकानों को चलाते हैं; कम-से-कम अपने इलाके के कारोबारों को – तो हम उससे क्या कर सकते हैं? ऐसे हालातों को बना सकते हैं, जिसमें हम अपने लोगों के लिए नौकरियों को पैदा कर सकते हैं. और एक बार आप अपने इलाके में नौकरियों को पैदा कर सकते हैं, जहाँ आप रहते हैं तो वो हमारी इस ज़रूरत को खत्म कर देगी, जिसमें हमे कहीं जाहिल गोरों के सामने उससे नौकरी की भीख मांगने के लिए बदनामी झेलते हुए बहिष्कार और धरना देना पड़े. (तालियाँ). 

 

जब कभी भी आपको नौकरी के लिए अपने दुश्मन पर निर्भर होना पड़े तो आप मुसीबत में हैं. जब आपको पता होता है कि वो आपका दुश्मन हैं. आप इस देश में नहीं होते अगर किसी दुश्मन ने आपको अपहरण करके यहाँ न लाया होता (तालियां). और दूसरी तरफ आपमें से कुछ को यह लगता हैं कि आप यहाँ Mayflower (मेफ्लावर – १७वी शताब्दी के शुरू में इंग्लैंड के गोरों से भरा जहाज, जो अमरीका पहुँचा) पर आये हैं. (हंसी). 

 

तो भाइयों और बहनों आप देख सकते हैं कि आज हमारा धर्म पर चर्चा करने का इरादा नहीं है. हम धर्म को भूल जायेंगे. अगर हम धर्म को उठाते हैं तो हमारी बहस होगी और सबसे सही तरीका इन विवादों और मतभेदों से दूर रहने का है, जैसा कि मैंने पहले कहा- आप अपना धर्म घर पर ही रखें. अपने और अपने भगवान के बीच रखें. क्योंकि अगर इसने आपके लिए कुछ ज़्यादा नहीं किया है, तो आपको इसे भूल ही जाना चाहिए. (हंसी और तालियां) 

 

चाहे आप ईसाई हो या मुस्लिम या राष्ट्रवादी हों, हम सबकी समस्या एक है. वो आपको फांसी इसलिए नहीं लगाते हैं कि आप Baptist (एक ईसाई सम्प्रदाय) हो; वो आपको फांसी लगाते हैं क्योंकि आप अश्वेत हो. वो मुझ पर इसलिए नहीं हमला करते हैं क्योंकि मैं मुस्लमान हूँ; वो मुझ पर हमला करते हैं क्योंकि मैं अश्वेत हूँ. वो हम सब पर एक ही वजह के लिए हमला करते हैं. हम सब को यह जहन्नुम एक ही दुश्मन की वजह से जीना पड़ रहा है. हम सब एक ही हालत में हैं, एक ही नाव पर हैं. हम एक ही दुश्मन के हाथों राजनीतिक दमन, आर्थिक शोषण और सामाजिक पतन का शिकार हैं. सरकार ने हमें असफल किया है, आप इससे इंकार नहीं कर सकते. किसी भी समय आप 20वी सदी के 1964 में रह रहे हो और यहाँ ‘हम होंगे कामयाब’ गाते फिर रहे हो, तो सरकार ने हमें असफल कर दिया है. (हंसी, तालियाँ). 

 

यह भी एक कारण है कि आप की क्या गलती है, आप गाने बहुत गाते हो. आज समय है कि गाने बंद हो और पिटाई शुरू. आप आज़ादी पाने के लिए गा नहीं सकते, लेकिन आप आज़ादी के लिए लड़ ज़रूर सकते हो. (तालियां) Cassius Clay (मोहम्मद अली) गा सकता है, लेकिन गायकी ने दुनिया की मुक्केबाजी का मुक़ाबला जीतने में उसकी मदद नहीं की. दुनिया का मुक़ाबला जीतने में मुक्केबाजी ने उसकी मदद की (हंसी, तालियाँ). 

 

इस सरकार ने हमें डुबोया है, सरकार ने हमें खुद असफल किया है और Liberal (उदारवादी) गोरे, जो हमारे दोस्त होने का दिखावा करते हैं- ने हमे असफल किया है. और जब हम यह देखेंगे कि यह सभी, जिनसे हमने उम्मीद की- असफल हुए, हम उनसे उम्मीद करनी बंद करेंगे और खुद से उम्मीद करने की तरफ मुड़ेंगे. हमें अपनी-मदद-खुद-करो कार्यक्रम चाहिए, खुद-से-करो सिद्धांत चाहिए, अभी-करो-सिद्धांत चाहिए, बहुत-देर-हो-चुकी सिद्धांत चाहिए. 

 

आपको और मुझे इसकी ज़रूरत है और अगर कभी भी हम अपनी समस्या को सुलझा सके तो वो खुद अपनी मदद करने से ही होगी. इससे पहले कि हम खुद-अपनी-मदद-करो कार्यक्रम शुरू कर सकें, हमारे पास खुद मदद करने का सिद्धांत होना चाहिए. अश्वेत राष्ट्रवाद एक अपनी मदद खुद करने का सिद्धांत है. इसके बारे में बहुत अच्छी बात क्या है? आप उस गिरजाघर में रह सकते हैं, जहाँ आप हैं और अश्वेत राष्ट्रवाद को अपने सिद्धांत के तौर पर अपना सकते हैं. आप किसी भी सामाजिक संस्था में रह सकते हैं और अश्वेत राष्ट्रवाद को अपना सकते हैं. आप नास्तिक हो सकते हैं और फिर भी अश्वेत राष्ट्रवाद को अपने सिद्धांत के तौर पर अपना सकते हैं. यह एक ऐसा सिद्धांत है जो बिखराव और बहस की ज़रूरतों को खत्म कर देता है. क्योंकि अगर आप अश्वेत हैं तो आपको अश्वेत की तरह सोचना चाहिए और अगर आप अश्वेत हैं और आज भी एक अश्वेत की तरह नहीं सोचते हो तो मुझे आप पर तरस आता है (तालियाँ). 

 

(अगर) एक बार आपने अपने सिद्धांत बदले, आप अपने सोचने का ढंग बदलते हो; (अगर) एक बार आपने सोचने का ढंग बदला, आप अपने रवैये को बदलते हो; (अगर) एक बार आपने अपने रवैये को बदला, यह आपके बर्ताव को बदलता है और फिर आप किसी लड़ाई में कूदे. जब तक आपके पास हाथ-पर-हाथ रख कर बैठे रहने का सिद्धांत हो, आपके पास बैठे रहने की सोच होगी और जब तक आपके पास वही पुराने बैठे रहने का सिद्धांत होगा तो आप किसी तरह के बैठे रहने की ही लड़ाई में रहोगे [दिसंबर 1955 को रोसा पार्क्स का Montgomery Bus Boycott आंदोलन, जिसे अश्वेत लोगों को बसों में गोरों के बराबर बैठने के लिए चलाया गया था]. वो आपको हर जगह बैठायेंगे. आप जो करना चाहते हैं, उसे बैठने की बात से जोड़ना, यह कोई अच्छी बात नहीं है. वो वहीं आपको नामर्द बनाती है. वो आपको वहीं नीचे खींचती है. इसके साथ क्या जुड़ा है? किसी के बैठने के बारे में सोच कर देखें? एक बूढ़ी औरत बैठ सकती है. एक बूढ़ा आदमी बैठ सकता है. एक बेवकूफ बैठ सकता है. एक डरपोक बैठ सकता है. कोई भी बैठ सकता है. आप और मैं काफी देर से बैठे हुए हैं, आज समय आ गया है कि हम उठ कर खड़े होना शुरू करें और इसके लिए लड़ाई लड़ें (तालियाँ). 

 

जब हम इस दुनिया के दूसरे हिस्सों को देखते हैं, जिस पर हम रह रहे हैं, हमें पता चलता है कि काले, भूरे, लाल और पीले लोग अफ्रीका और एशिया में आज़ादी हासिल कर रहे हैं. वो इसे “हम होंगे कामयाब” गाकर नहीं हासिल कर रहे हैं. नहीं, वो इसे राष्ट्रवाद के ज़रिये हासिल कर रहे हैं. यह राष्ट्रवाद है, जिसने एशिआई लोगों को आज़ादी दिलाई है. एशिया के हर देश ने राष्ट्रवाद के सिद्धांत पर आज़ादी हासिल की है. अफ़्रीकी महाद्वीप के हर देश ने राष्ट्रवाद के सिद्धांत पर आज़ादी हासिल की है. और यह अश्वेत राष्ट्रवाद ही 2.2 करोड़ अफ़्रीकी-अमरीकी लोगों को इस देश में आज़ादी दिलाएगा, जहाँ हमने पिछले 400 सालों से ग़ुलामी झेली है (तालियां). 

 

अमरीका ठीक वैसी ही विदेशी शक्ति है, जैसी की कभी बर्तानिया (इंग्लैंड) हुआ करती थी. अमरीका ठीक वैसी ही औपनिवेशिक  (Colonial) शक्ति है, जैसी कि कभी फ़्रांस हुआ करती थी. असल में अमरीका उनसे भी बड़ी औपनिवेशिक शक्ति है क्योंकि वो इसके पीछे एक पाखंडी औपनिवेशिक शक्ति है. बीसवीं सदी में क्या — आप एक दूसरे दर्जे की नागरिकता को क्या कहते हैं? ये बस्तिवाद है. दुसरे दर्जे की नागरिकता और कुछ भी नहीं बल्कि गुलामी है. आप मुझे कैसे बताओगे कि आप दुसरे दर्जे के नागरिक हो? उनके पास दुसरे दर्जे की नागरिकता नहीं है देने के लिए. दुनिया के किसी भी दूसरी सरकार में दूसरे दर्जे की नागरिकता नहीं है. वहाँ या तो ग़ुलाम होते हैं या आज़ाद लोग. तो यह एक पाखंडी देश है. वो कोशिश करते हैं और आपको यह कह कर सोचने लगाते हैं कि उन्होंने आपको आज़ाद कर दिया है. नहीं, आप एक बीसवीं सदी के ग़ुलाम होने के सिवाय कुछ भी नहीं हैं (तालियां). ठीक उसी तरह जैसे राष्ट्रवाद ने उपनिवेशवाद (विदेशी शक्तियों) को एशिया और अफ्रीका से हटाया, आज अश्वेत राष्ट्रवाद ही, उपनिवेशवाद को, अमरीका में रह रहे 2.2 करोड़ अफ़्रीकी-अमरीकी अश्वेत लोगों की पीठ और दिमाग से हटायेगा. 

 

और लगता है कि 1964 शायद वोट या बंदूक का साल हो. ऐसा क्यों लगता है कि यह साल वोट या बंदूक का होगा? क्योंकि नीग्रो लोगों ने गोरे लोगों की चालाकियों, और झूठ और झूठे वादों को बहुत देर तक सुना है. और वो अब तंग आ चुके हैं. उनका मोहभंग हो चुका है. वो निराश हो चुके हैं. वो नाखुश हो चुके हैं. और इस सबने अश्वेत बस्तियों को निराश कर दिया है, जिसने आज अश्वेत बस्तियों को रूस के सभी एटम बम्बों से भी ज़्यादा विस्फोटक बना दिया है. जब कभी भी आपकी गोद में नस्लीय बारूद भरा हो, आप अपनी गोद में होने वाले एटमीय बारूद से भी ज़्यादा मुसीबत में हैं. जब एक नस्लीय बारूद फटता है, वो इसकी परवाह नहीं करता की उसने किसे अपने रास्ते से हटा दिया. इसे समझिये,यह खतरनाक है. और ऐसा लगता है कि 1964 ही वो साल है क्योंकि गोरे लोग वाशिंगटन का मार्च (मार्टिन लूथर किंग के नेतृत्व में 1963 को हुए ऐतिहासिक मार्च पर) करवाने के बाद अब हमें बेवकूफ बनाने के लिए और क्या इस्तेमाल कर सकते हैं? और आप उसे देख सकते हैं. उसने आपको मुर्ख बनाया जब आपसे वाशिंगटन की मार्च करवाई. हाँ, आपसे मार्च करवाई, एक मर चुके व्यक्ति लिंकन और दूसरे मृत व्यक्ति, जिसका नाम जॉर्ज वाशिंगटन है, के आगे पीछे “हम होंगे कामयाब” गाने के साथ. उसने आपको बेवकूफ बनाया. उसने आपको मुर्ख बनाया. उसने आपको यह सोचने लगाया कि आप कही पहुँच रहे हैं, लेकिन आप कहीं भी नहीं पहुँच पाए बजाय लिंकन और वाशिंगटन के बीच. (हंसी). 

 

तो आज हमारे लोग मायूस हो चुके हैं. वो निराश हो चुके हैं. वो असंतुष्ट हो चुके हैं. और इस निराशा में वो कुछ संघर्ष चाहते हैं. आप देखेंगे कि यह अश्वेत नौजवान, यह नई पीढ़ी – “वोट या बंदूक” मांग रही है. वो पुराना अंकल टॉम (Uncle Tom – प्रसिद्ध उपन्यास Uncle Tom’s Cabin- झोपड़ी का चर्चित अश्वेत किरदार, जो मानसिक और शारीरिक तौर पर गोरों का ग़ुलाम था) वाला तरीका अब जा चुका है. नई पीढ़ी इस बात को सुनने को तैयार नहीं है कि हालात हमारे खिलाफ हैं. हम हालातों की फ़िक्र क्यों करें? (तालियाँ). 

 

जब यह देश (अमरीका) पहली बार बन रहा था, तो 13 राज्य थे. गोरों पर भी शाशन (बर्तानिया का) था. वो शाशन में बगैर भागीदारी के, क़र्ज़ के चलते, तंग आ चुके थे. तो उनमें से कुछ उठ खड़े हुए और उन्होंने कहा ” आज़ादी या मौत ” (“Liberty or Death” -अमरीकी क्रांति का मशहूर नारा). हालांकि मैं यहाँ एक गोरों के स्कूल में पढ़ा, मेसन, मिशिगन (राज्य) में, गोरे लोगों ने गलती की और मुझे अपने इतिहास की किताबें पढ़ने दीं. उन्होंने मुझे यह पढ़ाने की गलती की कि पैट्रिक हेनरी (अमरीकी क्रांति का महत्वपूर्ण नेता) एक देशभक्त था और जॉर्ज वाशिंगटन (पहले अमरीकी राष्ट्रपति); बूढ़े पैट (पैट्रिक हेनरी) और जॉर्ज वाशिंगटन के बारे में कुछ भी अहिंसक नहीं था. 

 

“आज़ादी या मौत” थी, जिसने इस देश के गोरों को अंग्रेज़ों (इंग्लैंड) से आज़ादी दिलाई (तालियां).उन्होंने तो हालात की परवाह नहीं की?  उन्होंने तो पूरे ब्रिटिश साम्राज्य का मुक़ाबला किया. और उन दिनों में कहा जाता था कि ब्रिटिश साम्राज्य इतना बड़ा और ताक़तवर था कि उसका सूरज कभी नहीं छिपता था. वो इतना बड़ा था, लेकिन फिर भी इन 13 छोटे कमज़ोर राज्यों, जो बगैर किसी हिस्सेदारी के क़र्ज़ से थक चुके थे; शोषण, अत्याचार और अपमान से थक चुके थे; उस बड़े ब्रिटिश साम्राज्य से कह दिया कि “आज़ादी या मौत” और यहाँ आप 2.2 करोड़ अफ़्रीकी-अमरीकी अश्वेत लोग आज उस जहन्नुम में रह रहे हैं, जिसे पैट्रिक हेनरी ने कभी देखा भी नहीं होगा.  (हंसी, तालियाँ). 

 

अगर आपको नहीं पता हो तो मैं यहां आपको बताना चाहता हूँ कि इस देश में हमारे पास अश्वेत लोगों की नई पीढ़ी है, को इस बात की कोई परवाह नहीं है कि हालात उनके खिलाफ हैं. वो यह Handkerchief Heads (सर पर रुमाल बांधने वाले – Uncle Tom) जैसे की बातों को सुनना नहीं चाहती, बिल्कुल नहीं; यह एक नहीं पीढ़ी है. वो इन नौजवान अश्वेत लोगों को तैयार कर 80 करोड़ चीनी लोगों का मुक़ाबला करने के लिए कोरिया या दक्षिणी वियतनाम भेजना चाहते हैं. (हंसी). 

अगर आपको उन हालातों से डर नहीं लगता है तो आपको इन हालातों से भी डर नहीं लगना चाहिए. 

 

यह साल इतना विस्फोटक राजनीतिक साल क्यों बन रहा है? क्योंकि यह एक राजनीतिक साल है. यह वो साल है जब सभी गोरे राजनेता नीग्रो बस्तियों में आने वाले हैं. जब तक चुनाव न हो, आप उन्हें कभी नहीं देखेंगे. जब तक चुनाव न हों, आप उन्हें कभी नहीं ढूंढ सकते. (तालियां) वो झूठे वादों को लेकर आएंगे और जैसे ही वो झूठे वादे करेंगे, वो हमारी निराशा को और भड़काएंगे और यह हालातों को और भी खराब करेगा. मैं कोई राजनीतिज्ञ नहीं हूँ. मैं तो राजनीति का छात्र भी नहीं हूँ. मैं रिपब्लिकन (एक अमरीकी राजनीतिक दल का सदस्य) भी नहीं हूँ और डेमोक्रैट (एक अमरीकी राजनीतिक दल का सदस्य) भी नहीं हूँ न ही अमरीकी हूँ, लेकिन इतनी अक्ल है कि इसे समझ सकता हूँ. मैं उन 2.2 करोड़ अश्वेत लोगों में से एक हूँ जो कि डेमोक्रेटों का शिकार है, 2.2 करोड़ अश्वेत लोगों में से एक हूँ जो की रिपब्लिकनों का शिकार है और 2.2 करोड़ अश्वेत लोगों में से एक जो अमरिकीवाद का शिकार है. और जब मैं बोलता हूँ, मैं न तो किसी डेमोक्रैट के तौर पर बोलता हूँ और न ही रिपब्लिकन के तौर पर, मैं अमरीका के लोकतान्त्रिक पाखंड के शिकार के तौर पर बोलता हूँ. 

 

आपने और मैंने कभी भी लोकतंत्र नहीं देखा, अगर कुछ देखा है तो पाखंड देखा है. जब हम अपनी ऑंखें खोलते हैं और अमरीका की तरफ देखते हैं, हम अमरीका को किसी ऐसी आँख से नहीं देखते हैं, जिसने अमरीकीवाद के फल का सुख लिया हो, हम तो अमरीका को एक ऐसी आंख के ज़रिये से देखते हैं जो की अमरिकीवाद का शिकार है. हम कोई अमरीकी ख्वाब नहीं देखते, हमने तो सिर्फ एक डरावना अमरीकी सपना ही देखा है. (हंसी, तालियाँ). 

 

हमें अमरीका के लोकतंत्र से कोई फ़ायदा नहीं हुआ है; हमें सिर्फ अमरीका के पाखंड से नुकसान हुआ है. और जो नई पीढ़ी अब आ रही है, जो यह देख सकती है, वह इसे कहने से नहीं डरती. अगर आप- अगर आप जेल जाते हैं तो क्या? अगर आप अश्वेत हैं तो आप जेल में पैदा हुए हैं. अगर आप अश्वेत हैं तो आप जेल में पैदा हुए हैं, उत्तर (माना जाता है कि उत्तरी अमरीकी राज्य नस्लवादी नहीं हैं) में भी और दक्षिण (दक्षिण राज्यों को घोर नस्लवादी माना जाता है) में भी. दक्षिण के बारे में बोलना बंद करो. अगर आप कनाडा के बॉर्डर के दक्षिण में हो, तो आप दक्षिण में हो. (हंसी). 

 

राज्यपाल वालस को डिक्सी राज्यपाल मत कहो; रोमनी डिक्सी राज्यपाल है. (डिक्सीवाद – दक्षिणी अमरीकी राज्यों की एक नस्लवादी पार्टी) 

 

अमरिकीवाद के 2.2 करोड़ अश्वेत शिकार लोग अब नींद से जाग रहे हैं और उनमें एक नई राजनीतिक चेतना पैदा हो रही है, एक राजनीतिक समझ पैदा हो रही है. और जैसे ही उनमें यह राजनीतिक समझ बढ़ रही है, वो हाल ही में आये राजनीतिक रुझानों को देख सकते है. वो देख सकते हैं कि गोरे आपस में बराबर बंटे हुए हैं; जब भी चुनाव होता है तो मुक़ाबला इतना कड़ा होता है कि उन्हें वोटों को बार-बार गिनना पड़ता है. इसका मतलब है कि कोई भी समुदाय, कोई भी अल्पसंख्यक वर्ग, जिसके अपने वोट हों, जो एक साथ हों – बहुत निर्णायक हो जाते हैं. जिस भी तरफ आप जाते हैं, वही जीतता है. आप – आप एक ऐसी स्थिति में हैं, जो यह तय करती है कि कौन White House (वाइट हाउस – अमरीकी राष्ट्रपति भवन) में जायेगा और कौन Dog House (जहन्नुम, एक मुहावरा) में जायेगा. (हंसी, तालियां) यह ताक़त आप ही के पास है. आप जॉनसन को Washington D.C (अमरीकी राजधानी) में रख सकते है या उसे Texas (अमरीकी राज्य) के उसके कपास के खेतों में वापस भेज सकते हैं. (हंसी). 

 

आप ही ने कैनेडी (पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति) को वाशिंगटन भेजा था. आप ही ने वर्तमान डेमोक्रेटिक प्रसाशन को वाशिंगटन में पहुँचाया. गोरे बराबर बंटे हुए थे. यह एक हकीकत है कि आपने अपना 80% वोट डेमोक्रेट्स को दिया, जिससे वो वाइट हाउस पहुँचे. जब आप यह देखेंगे, तो आप यह देख सकेंगे कि नीग्रो वोट एक महत्वपूर्ण कारण है. इसके बावजूद भी कि आप इतनी महत्वपूर्ण स्थिति में हैं, आपको क्या मिला? डेमोक्रेट्स सिर्फ आपके वोटों के चलते ही वाशिंगटन पहुंचे. वो वहाँ चार सालों से हैं. और उन्होंने जो भी दूसरा कानून लाना था, उसे लाया और बनवा लिया और अब आपको लाया. और अब उन्होंने आपको लाया! आपने उन्हें सबसे पहले रखा और उन्होंने आपको सबके बाद में. क्योंकि आप मुर्ख हैं, एक राजनीतिक मुर्ख. 

 

वाशिंगटन डीसी में, प्रतिनिधियों के सदन में 257 डेमोक्रेट्स हैं; सिर्फ 177 रिपब्लिकन. सीनेट में 67 डेमोक्रैट हैं, सिर्फ 33 रिपब्लिकन. जिस पार्टी को आपने समर्थन किया, उसका प्रतिनिधियों की सभा और सीनेट में दो-तिहाई नियंत्रण हैं और फिर भी वो आपसे किये हुए वादों को नहीं निभा पाई, क्योंकि आप मुर्ख हैं. 

 

जब कभी भी आपने अपना समर्थन किसी पार्टी को दिया और उस पार्टी के पास सरकार में दो-तिहाई बहुमत हो और वो पार्टी अपने किये हुए चुनावी वादों को पूरा न करे और आप इतने मुर्ख हैं कि अपने आप को उस पार्टी से जोड़ें, तो आप सिर्फ मुर्ख  ही नहीं बल्कि अपनी कौम के गद्दार भी हैं. (तालियाँ) 

 

और वो किस तरह के गवाह लेकर आये? उन्होंने पूरी जिम्मेवारी डिसीक्रेट्स पर मढ़ दी. पुराने दिनों में जब आप अंधे, बहरे, मुर्ख, अनजान, राजनीतिक तौर से अनाड़ी थे, तो आप इसे मान लेते थे. लेकिन अब जब आपकी आँखें खुल गयी हैं और आप राजनीतिक रूप से समझदार हो गए हैं, आप देख सकते हैं और खुद से सोच सकते हैं और आप देख सकते हैं कि एक डिक्सीक्रैट और कुछ भी नहीं बल्कि डेमोक्रैट के भेस में एक डिक्सीक्रैट हैं. (तालियां)

 

अगर आप सरकार के ढांचे को देखें जो इस देश पर नियंत्रण करता हैं, इसे 16 अमरीकी राज्य सभा की कमेटियां और 20 अमरीकी संसद की कमेटियां नियंत्रण करती हैं. इन 16 Senatorial Committees, जो सरकार को चलाती हैं; इनमें से 10 दक्षिण के नस्लवादियों के हाथों में हैं. जो 20 Congressional Committees सरकार चलाती हैं, उसमें से 12 दक्षिण के नस्लवादियों के हाथों में हैं. और वो आपको और हमें बताते हैं कि दक्षिण युद्ध (1860 के दशक में अमरीका के उत्तरी और दक्षिणी राज्यों के बीच अश्वेतों की ग़ुलामी को खत्म करने के लिए लड़ा गया युद्ध) हार गया था (हंसी, तालियां). 

 

आज आप अलगाववादी, नस्लवादी, गोरेपन वाली सरकार के हाथों में हैं, जो डेमोक्रेटिक पार्टी से हैं, पर डिक्सीक्रेट के भेस में हैं. एक डिक्सीक्रेट सिवाय एक डेमोक्रैट के कुछ भी नहीं है. जो भी डेमोक्रेट्स को चलाता है वो डिक्सीक्रेट के पिता है. और उन सबका पिता वाइट हाउस में बैठा हुआ है. (हंसी, तालियाँ). 

 

मैं बार-बार कहता हूँ, आपको एक राष्ट्रपति मिला है जो कोई और नहीं बल्कि टेक्सस (अमरीका का एक दक्षिणी राज्य जो नस्लवाद के लिए बदनाम है) राज्य का एक दक्षिण अलगाववादी है. वो आपको जितनी जल्दी टेक्सस में फांसी लगाते हैं, उतनी ही जल्दी से मिसिसिपी (एक और नस्लवादी दक्षिणी राज्य) में फांसी लगाते हैं. फर्क सिर्फ इतना है कि टेक्सस में वो आपको टक्सस उच्चारण में फांसी लगाते हैं और मिसिसिपी में वो आपको मिसिसिपी उच्चारण में फांसी लगाते हैं. (हंसी, तालियाँ). 

 

और पहली चीज़ जो एक क्रैकर (नस्लवादी भद्दा गोरा व्यक्ति) सत्ता में आने के बाद करता है कि वो सभी नीग्रो नेताओं को चाय पर आमंत्रित करता है, यह दिखाने के लिए, वो सही है. और वो अंकल टॉम इसे जाने नहीं देना चाहते हैं. (हंसी, तालियां) वो उस चाय से आने के बाद आपको और मुझे बताते हैं कि यह आदमी अच्छा है क्योंकि वो दक्षिण से है, वो दक्षिण से लेन-देन कर सकता  है. देखो वो कैसा तर्क देते हैं? ईस्टलैंड (दक्षिण का अमरीकी नेता) के बारे में क्या? अगर जॉनसन एक अच्छा आदमी है क्योंकि वो टेक्सस से है और टेक्सस से होने की वजह से वो दक्षिण के साथ लेन-देन कर सकता है; ईस्टलैंड – जॉनसन से बेहतर दक्षिण से लेन-देन कर सकता है. (हंसी, तालियाँ). 

 

अरे मैं कहता हूँ कि आपको गुमराह किया गया है. आपको किया गया है. आपको झांसे में लिया गया है (हंसी, तालियाँ). 

 

मैं दो हफ्ते पहले वाशिंगटन में था, जब Senators (राज्य सभा सांसद) अड़ंगेबाजी कर रहे थे. और मैंने सिनेट के पीछे एक बड़ा नक्शा देखा और उस नक़्शे पर दिखाया गया था, जहाँ भी नीग्रो अमरीका में फैले हैं. और हैरानी की बात है कि जो सिनेटर अड़ंगेबाजी में शामिल थे, वो उन्हीं राज्यों से थे, जिनमें सबसे ज़्यादा नीग्रो थे. वो नागरिक अधिकारों के कानून पर अड़ंगा क्यों लगा रहे थे? क्योंकि नागरिक अधिकारों का कानून, उन राज्यों में नीग्रो को वोट के अधिकार को पक्का करता था. और उन राज्यों के उन सिनेटर्स को यह पता था कि अगर उन राज्यों के नीग्रो वोट डाल सके, तो वो सीनेटर गड्ढे में जायेंगे. (हंसी, तालियां) उन राज्यों के सांसद गड्ढे में जायेंगे. और इस देश के संविधान में एक नियम है कि जहाँ कहीं भी अगर अधिकार, लोगों के वोट के अधिकार का किसी भी जिले में हनन होता है, तो उस प्रतिनिधि, जो उस जिले से है, को संविधान के अनुसार कांग्रेस से निकाला जायेगा. अब अगर संविधान के इस पहलु को लागु किया जाये, तो एक भी क्रैकर वाशिंगटन डी.सी में नहीं होगा. (तालियाँ, हंसी). 

 

लेकिन क्या होगा जब आप डिक्सीक्रैट को निकालेंगे, आप एक डेमोक्रैट को निकाल रहे हैं. जब आप डिक्सीक्रैट की ताक़त को खत्म करते हैं, तो आप डेमोक्रेटिक पार्टी की ताक़त को खत्म करते हैं. तो यह कैसे संभव है कि दक्षिण में डेमोक्रेटिक पार्टी पूरी ईमानदारी से आपका साथ दे, जब पूरी ताक़त ही दक्षिण में है? यह उत्तरी डेमोक्रैट, दक्षिणी डेमोक्रैट से मिले हुए है. (हंसी, तालियाँ). 

 

वो एक बड़ी चोरी का खेल खेल रहे है, एक राजनीतिक चोरी का खेल, आप जानते हैं यह कैसे होता है? उनमें से एक आपके पास आता है और यह भरोसा दिलाता है कि वो आपके लिए है. और वो उस दूसरे से मिला हुआ है, जो आपके साथ नहीं है. क्यों? क्योंकि उनमें से कोई भी आपके लिए नहीं है, लेकिन उन्हें आपको उनमें से एक के साथ या दूसरे के साथ भेजना है. तो यह एक चोरों का खेल है. और यही वो आपके और मेरे साथ इतने सालों से करते आ रहे हैं. जहाज से उतरने के बाद जो पहली चीज़ जॉनसन ने की, उसने पूछा कि “डिकी कहा हैं?” आपको पता है डिकी कौन है? डिकी पुराना दक्षिणी क्रैकर है – रिचर्ड रस्सल. अब देखो. हाँ, लिंडन बी जॉनसन का सबसे अच्छा दोस्त वो है जो एक मुखी है, जो उन ताकतों का मुखिया है जो नागरिक अधिकारों के कानून में अड़ंगा लगा रहे है. आप मुझे बताएं कि वो कैसे जॉनसन का सबसे अच्छा दोस्त हो सकता है? (हंसी, तालियां) कैसे जॉनसन उसका भी दोस्त हो सकता है और आपका भी? नहीं, वो आदमी बहुत धोकेबाज है. खासकर अगर उसका दोस्त पुराना डिकी है. 

 

जहाँ कहीं भी नीग्रो डेमोक्रैट को सत्ता में रखते हैं, वो डिक्सीक्रेट को सत्ता में रखते हैं. क्या यह सही है? डेमोक्रैट को दिया गया एक वोट और कुछ भी नहीं है सिवाय डिक्सीक्रेट को वोट देने के. मैं जानता हूँ कि मेरा यह कहना आपको अच्छा नहीं लगता है. लेकिन मैं ऐसा आदमी नहीं हूँ जो आपको जो अच्छा लगे- को कहने यहां आया है. मैं आपको सच कहने आया हूँ चाहे आपको अच्छा लगे या नहीं. यहाँ उत्तर में भी वही है. डेमोक्रेटिक पार्टी ऐसा नहीं करती — वो उस तरह नहीं करती. उनके पास एक चीज़ है, जिसे वो Gerrymandering (जेरिमैन्ड्रिंग -चुनाव के पहले धोखेबाजी करना) कहते हैं. वो चालाकी से आपको सत्ता से बाहर करते हैं. हालांकि आप वोट कर सकते हैं, वो इसे ऐसे करते हैं कि आप किसी के लिए भी वोट नहीं कर पाते. (हंसी). 

 

उन्होंने आपको बस घुमाया-फिराया है. दक्षिण में वो पूरी तरह से राजनीतिक भेड़िये हैं. उत्तर में वो राजनीतिक लोमड़ियाँ. एक लोमड़ी और भेड़िया, दोनों Canine (केनाइन – कुत्ते की प्रजातियां) हैं. (हंसी, तालियाँ). 

 

अब आप अपना फैसला करें? क्या आपने उत्तरी कुत्ता चुनना है या दक्षिणी कुत्ता? क्योंकि कोई भी कुत्ता आप चुनें, मैं आपको भरोसा दिलाता हूँ कि आप फिर भी जहन्नुम (dog house) में ही रहोगे. इसीलिए मैं कहता हूँ कि वोट या बंदूक. आज़ादी या मौत. सबके लिए आज़ादी या फिर किसी के लिए भी नहीं. (तालियाँ).

 

अमरीका आज अपने आपको एक बहुत ही अनोखी स्थिति में पाता है. ऐतिहासिक तौर पर क्रांतियां खूनी होती हैं, जी हाँ, वो होती हैं. कोई भी क्रांति कभी बगैर खून के नहीं हुई और अहिंसक क्रांति, वो तो कभी हॉलीवुड में भी नहीं होती. (हंसी, तालियाँ). 

 

ऐसी कोई क्रांति नहीं होती, जिसमें आप अपने दुशमन को प्यार करते हों. और ऐसी भी कोई क्रांति नहीं होती, जिसमें आप उस व्यवस्था से अपने को शामिल करने की भीख मांग रहे हों, जिसने आपका शोषण किया हो. क्रांतियाँ व्यवस्थाओं को बदल देती हैं. क्रांतियां व्यवस्थाओं को ध्वस्त करती हैं. क्रांतियां खूनी होती हैं. 

 

लेकिन अमरीका एक बहुत ही अनोखी स्थिति में है. वो इतिहास में इकलौता देश है, जो एक खुन-रहित क्रांति में शामिल हो सकता है. रुसी क्रांति खूनी थी, चीनी क्रांति खूनी थी, फ्रांसीसी क्रांति खुनी थी, क्यूबा की क्रांति खूनी थी, और अमरीकी क्रांति से खूनी क्रांति कोई और नहीं थी. लेकिन आज यह देश एक ऐसी क्रांति में शामिल हो सकता है, जिसमें ख़ून न बहे. उसे बस यही करना है कि इस देश में अश्वेत लोगों को वो सब वापस करना है, जिसके वो हक़दार हैं. (तालियाँ). 

 

मुझे उम्मीद है कि गोरे लोग इसे देख सकेंगे, क्योंकि अगर आपने (गोरों) इसे नहीं देखा, तो आप खत्म हैं. अगर आपने (गोरों) यह नहीं देखा, तो आप एक ऐसी लड़ाई में पड़ोगे, जिसमें आपके पास कोई भी उम्मीद नहीं होगी. और हमें आपके एटम बम की कोई परवाह नहीं है — वो बेकार हैं क्योंकि दूसरे देशों के पास भी एटम बम हैं. जब दो या तीन देशों के पास एटम बम हों तो कोई भी उसे इस्तेमाल नहीं कर सकता, तो इसका मतलब है कि गोरे लोग आज बगैर किसी हथियार के हैं. अगर आपको — अगर आप युद्ध चाहते हैं, तो आपको मैदान में उतरना होगा. और इस दुनिया में गोरे लोगों के मुकाबले काले लोग ज़्यादा हैं. (ज़ोरदार तालियाँ). 

 

मेरे पास कुछ और मिनट बचे हैं. गोरे लोग अब कोई भी युद्ध मैदान में नहीं जीत सकते. युद्ध में जीतने के उसके दिन, मैदान में जीतने के उसके वो दिन, अब जा चुके हैं. क्या मैं इसे साबित कर सकता हूँ? हाँ! आज दुनिया में जितनी भी लडाईयाँ हो  रही हैं, जिनमें वो शामिल हैं – उसी को ले लें. मुझे बताये कि वो कहाँ जीत रहा है? कहीं भी नहीं. कुछ धान उगाने वाले किसानों ने, चावल खाने वालों ने उसे कोरिया से मार भगाया. जी हाँ, उन्होंने उसे कोरिया से मार भगाया. (हंसी, तालियाँ). 

 

चावल खाने वाले, जिनके पास जूतों, एक बन्दुक और चावल के एक कटोरे के इलावा कुछ भी नहीं था; उसके टैंकों और उसके बारूद और दूसरे सभी हथियारों, जो उसके पास होते हैं, के साथ उसे Yalu (यालू – कोरिया का एक क्षेत्र) से मार भगाया. क्यों? क्योंकि वो दिन, जब वो मैदान में जीत सके – जा चुके हैं. ऊपर फ्रेंच-इंडो-चीन-विएतनाम में उन छोटे किसानों, धान उगाने वालों ने फ़्रांस की बड़ी फौज का मुकाबला किया और सभी फ्रांसीसियों को मार भगाया. आपको Dien Bien Phu (डेन बेन फू – विएतनाम में युद्ध का मैदान) याद होगा. (हंसी). 

 

वही चीज़ अल्जीरिया (उत्तरी अफ्रीका) में भी हुई, अफ्रीका में उनके पास कुछ भी नहीं था, सिवाय एक बंदूक के. फ्रांसीसियों के पास युद्ध में लड़ने के सभी आधुनिक हथियार थे, लेकिन उन्होंने गुरिल्ला लड़ाई शुरू कर दी, और एक – और एक गोरा आदमी एक गुरिल्ला लड़ाई नहीं लड़ सकता. गुरिल्ला लड़ाई में दिल चाहिए, हिम्मत चाहिए और वो उसके पास नहीं है. (तालियाँ). 

 

वो बहादुर है, जब तक उसके पास टैंक हैं, लेकिन आप उस छोटे से अफ़्रीकी या एशियाई आदमी को जंगल में एक उस्तरे के साथ खुला छोड़ दें, (हंसी), एक उस्तरे के साथ; बस उसे सिर्फ वही चाहिए. उसे सिर्फ एक उस्तरा ही चाहिए और जब सूरज छिप जाये और अँधेरा हो जाये, तो फिर Even-steven (हिसाब बराबर). (हंसी, तालियाँ). 

 

तो या तो “वोट या बंदूक”. आज हमारे लोग देख सकते हैं कि हम एक सरकारी साजिश का मुकाबला कर रहे हैं. इस सरकार ने हमे नाकामयाब किया है. वो सिनेटर, जो हमारे अधिकारों में अड़ंगे लगा रहे हैं, वो सरकार है. यह मत कहो कि यह दक्षिणी सिनेटर हैं. यह सरकार है, यह सरकार अड़ंगे लगा रही है. यह एक नस्ली अड़ंगा नहीं है, यह एक सरकारी अड़ंगा है. कोई भी गतिविधि जो सिनेट या कांग्रेस के सदन में होती है, वो सरकारी है. 

 

किसी भी तरह का टालमटोल करना, यह सरकारी है. किसी भी तरह लटका के रखना, वो सरकारी है. किसी भी तरह का फैसला, जो आपको और मुझे वंचित  करने में – अभी पुरे अधिकार हासिल करने में देर करे, उसकी जिम्मेवार सरकार है. और जब कभी भी आप पाते हैं कि सरकार ही लोगों के नागरिक अधिकारों या नागरिकता के खिलाफ साजिश में शामिल हो, तो आप उस सरकार के पास फरियाद लेकर अपनी समस्या को हल करने में अपना समय बर्बाद कर रहे हो. इसके बजाय आपको उस सरकार को दुनिया की अदालत में ले जाना होगा और उस पर नरसंहार का आरोप लगाना होगा और भी जो दूसरे अपराधों की आज वो दोषी है. (तालियाँ). 

 

तो हममें से वो, जिनके राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक सिद्धांत- अश्वेत राष्ट्रवाद है; नागरिक अधिकारों के संघर्ष में शामिल हुए हैं. हम नागरिक अधिकारों  शामिल हुए हैं. और हमारा इरादा इसे नागरिक अधिकारों (Civil Rights) से बढ़ाकर मानवीय अधिकारों (Human Rights) तक ले जाने का है. जब तक आप इसे नागरिक अधिकारों के स्तर पर लड़ेंगे, तब तक आप Uncle Sam (अमरीका का एक उपनाम) के अधिकार-क्षेत्र में है. आप उसकी अदालत में जाते हैं, उससे समस्या का हल करने की उम्मीद में. उसने समस्या पैदा की हैं. वो अपराधी है. आप अपना मुकदमा अपराधी के पास नहीं ले जाते, आप अपराधी को अदालत में ले जाते हैं. (तालियाँ). 

 

जब दक्षिण अफ्रीका की सरकार ने वहाँ के लोगों के मानवीय अधिकारों को कुचलना शुरू किया, तो उन्हें सयुंक्त राष्ट्र के सामने ले जाया गया. जब पुर्तगाल की सरकार ने अंगोला में हमारे भाइयों और बहनों के अधिकारों को कुचला, तो उसे संयुक्त राष्ट्र के सामने लाया गया. यहां तक की खुद गोरो ने हंगरी के सवाल को सयुंक्त राष्ट्र में उठाया. और इसी हफ्ते, मुख्य न्यायधीश गोल्डबर्ग रूस के 30 लाख यहूदियों के सवाल पर रो रहे थे. उनके मानवीय अधिकारों के बारे में रूस पर इलज़ाम लगा रहे थे कि उन्होंने यहूदियों के मानवाधिकारों का रूस में उलंघन करके सयुंक्त राष्ट्र घोषणा पत्र का उलंघन किया है. 

 

आप कैसे मुझे बतायेंगे कि दुनिया में रहने वाले सभी लोगों के मामले सयुंक्त राष्ट्र के गलियारों में पहुँचते हैं और यहां 2.2 करोड़ अफ़्रीकी-अमरीकी लोगों के गिरजाघरों पर बमों से हमले हो रहे हैं.  जिनकी छोटी बच्चियों का कत्ल किया जा रहा है. जिनके नेताओं को दिन दहाड़े गोली मारी जा रही है. आप क्या कहेंगे कि नागरिक अधिकारों के इस संघर्ष के नेताओं ने इसे कभी सयुंक्त राष्ट्र के सामने क्यों नहीं उठाया? (तालियाँ). तो हमारा अगला कदम, इस पूरे नागरिक अधिकारों के संघर्ष को सयुंक्त राष्ट्र में ले जाना होगा. (तालियाँ). 

 

और पूरी दुनिया को यह देखने दे कि Uncle Sam 2.2 करोड़ अफ़्रीकी-अमरीकी लोगों के मानवीय अधिकारों का 1964 में भी उलंघन का अपराधी है और फिर भी अपने आप को पूरी आज़ाद दूनिया के एक नेता के तौर प्रस्तुत करने की हिम्मत रखता है. न सिर्फ वो एक धूर्त है बल्कि एक पाखंडी भी है. Uncle Sam यहाँ आपके और मेरे पूर्वजों के खून से अपने हाथों को रंगे हुए एक खुनी भेड़िये की तरह दूसरे लोगों के सामने खड़ा होता है और उसके जबड़ों से खून टपक रहा है. (तालियाँ). और फिर भी अपनी उंगली उठाने की हिम्मत करता है. आप नागरिक अधिकारों का कानून भी नहीं हासिल कर सकते. और इस आदमी में हिम्मत है कि खड़े होकर दक्षिणी अफ्रीका के बारे में बात करे या नाज़ी जर्मनी के बारे में बात करे या पुर्तगाल के बारे में. नहीं-नहीं, अब वो दिन नहीं रहे! तो मैं अपने समापन में कहता हूँ कि इसको हल करने का एक ही रास्ता है और वो है संगठित होना. एकता और मिलजुल कर. 

 

और अश्वेत राष्ट्रवाद इसकी कुंजी है. हम कैसे हमेशा एक दूसरे की गर्दन काटने की मानसिकता से बाहर आएंगे जो हमारे मोहल्लों में मौजूद है. और इस मानसिकता के होने का कारण, गोरे लोगों की फूट डालों और राज करो नीति है. वो हमें तोड़े रखते हैं ताकि हम पर राज कर सके. वो आपको कहते हैं, मैं अलग होने के पक्ष में हूँ (गोरों से) और आप मिलने के और हमें लड़वा कर  रखते हैं. नहीं, मैं अलग होने के पक्ष में नहीं हूँ और न ही आप मिलने के, आप और हम जिस चीज़ के पक्ष में हैं वो है आज़ादी. (तालियाँ). 

 

बस आपको लगता है कि Integration (एक साथ रहना) आपको आज़ादी दिलवाएगा; मुझे लगता है कि Separation (अलग हो जाना) मुझे आज़ादी दिलवाएगा.  हम दोनों का लक्ष्य एक है, बस हमारा इसे हासिल करने का रास्ता अलग है. तो मैंने इस आदमी को पढ़ा , Billy Graham (बिल्ली ग्रैहम), जो गोरा राष्ट्रवाद का उपदेश देता है. (हंसी). वो इसी का उपदेश देता है. (हंसी) मैंने कहा वो यही उपदेश देता है. इस देश कि पूरी गिरजाघर व्यवस्था गोरा राष्ट्रवाद है. आप गोरे गिरजाघरों के अंदर जाये, वो यही उपदेश देते हैं, गोरा राष्ट्रवाद. उनके पास इसा मसीह गोरे हैं, Mary (मैरी) गोरी हैं, भगवान गोरा है, हर कोई गोरा है– यह गोरा राष्ट्रवाद है. (हंसी). 

 

वो क्या करता है– जिस तरह वो– वो जलन और ईर्ष्या भड़काता है, जो वो आम तौर पर गिरजाघरों के अध्यक्षों के बीच झेलता है. जब भी आप किसी बस्ती में जाते हैं, जहाँ पहले से ही गिरजाघर हों, आप मुसीबत में पड़ेंगे क्योंकि उनके पास एक चीज़ है, क्या कहते हैं उसे? संस्था. उनके पास संस्था है, ठीक वैसे ही जैसे रंगदारी वसूलने वालों के पास होती है. मेरे दिमाग में – मैं वो कह कर रहूँगा क्योंकि उपदेश देने वालों ने यह साबित कर दिया है कि उनके पास संस्था है. और जब आप किसी रंगदारी में हों, जब भी आप किसी दूसरे आदमी के इलाके में होंगे, आप जानते हैं वो आप पर हमला करेगा. आपके साथ भी वही है. आप भी ठीक उसी में जाते हो. 

 

तो बिली ग्रैहम उससे कैसे बचता है? किसी दूसरे के इलाके में जाने की बजाए, जैसे कि किसी नये गिरजाघर को शुरू करना, वो गिरजाघर शुरू करने की कोशिश नहीं करता, वो सिर्फ इसा मसीह पर उपदेश देता है. और वो कहता है कि जो भी उनमें विश्वास रखते हैं, आप कहीं भी जाएँ, जहाँ आप उन्हें ढूंढ सकें. तो यह सभी गिरजाघरों को मदद करता है और क्योंकि यह सभी गिरजाघरों को मदद करता है, वो उससे नहीं झगड़ते. हम भी ठीक उसी तरह करेंगे, सिर्फ हमारा सिद्धांत अश्वेत राष्ट्रवाद होगा. उनका सिद्धांत गोरा राष्ट्रवाद है, हमारा राष्ट्रवाद- अश्वेत राष्ट्रवाद है. और अश्वेत राष्ट्रवाद का सिद्धांत, जैसा कि मैंने बताया- का मतलब है कि आप अपने खुद के मालिक हों. आपके क्षेत्र की राजनीति, आपकी बस्ती की अर्थव्यवस्था और पूरा समाज, जिसमें आप रहते हैं, आपके नियंत्रण में होना चाहिए. 

 

और एक बार आप– महसूस करते हैं कि यह सिद्धांत आपकी समस्या हल करते हैं, किसी भी गिरजाघर में जाएँ, जहाँ वो सिखाई जाती है. उस गिरजाघर में मत जाएँ, जहाँ गोरा राष्ट्रवाद सिखाया जाता है. क्यों? आप एक नीग्रो गिरजाघर में जाते हैं तो भी आप गोरे राष्ट्रवाद का शिकार हो सकते हैं. क्योंकि जब आप किसी नीग्रो गिरजाघर में होते हैं या जाते हैं और देखते हैं, गोरी मैरी, गोरे फ़रिश्ते; वो नीग्रो गिरजाघर गोरा राष्ट्रवाद फैला रहा है. (हंसी, तालियाँ). 

 

लेकिन जब आप एक गिरजाघर में जाते हैं और देखते हैं कि उस गिरजाघर का पादरी एक ऐसे सिद्धांत और कार्यक्रम के तहत काले लोगों को एक साथ लाना चाहता है और उन्हें ऊपर उठाना चाहता है, उस गिरजाघर से जुड़ें. उस गिरजाघर से जुड़ें. अगर आप जहाँ NAACP (अफ़्रीकी-अमरीकी लोगों की एक बहुत बड़ी संस्था) यह प्रचार करती हो और अमल करती हो और जो इस तरह से बनाई गयी हो कि अश्वेत राष्ट्रवाद को व्यव्हार में लाती हो; NAACP से जुड़ें. किसी भी संस्था से जुड़ें; नागरिक, धार्मिक, भाईचारे की, राजनीतिक या कुछ और जो अश्वेत लोगों को उठाने के और उसे अपनी बस्ती का मालिक बनाये. (तालियाँ). 

 

तो या तो वोट से होगी या बंदूक से. या तो आज़ादी होगी या मौत और अगर आप इसकी कीमत चुकाने को तैयार नहीं हैं तो आज़ादी शब्द को अपनी भाषा से निकाल दें. 

 

एक और चीज़, हाल ही में मैं Illinois (इल्लिनोई अमरीका का एक राज्य) में सिनेटर पॉल डगलस के साथ एक कार्यक्रम में था; एक तथाकथित उदारवादी, तथाकथित डेमोक्रैट, तथाकथित गोरा आदमी. उस समय उसने मुझे बताया कि हमारे अफ़्रीकी भाई अफ्रीका में हमारे में दिलचस्पी नहीं लेते हैं. उसने कहा कि वो अफ़्रीकी-अमरीकी नीग्रो में दिलचस्पी नहीं लेते. मैं जानता हूँ कि वो झूठ बोल रहा था. लेकिन अगले 2-3 हफ्तों में मेरा यह इरादा है कि अपनी मातृभूमि अफ्रीका का दौरा करूँ और मुझे उम्मीद है कि जब मैं वापस आऊंगा, मैं आकर आपको बता सकूंगा हमारे अफ़्रीकी भाई और बहन हमारे बारे में कैसी भावना रखते हैं. (तालियाँ). 

 

और मैं वहाँ जाने से पहले यह जानता हूँ कि वो हमे प्यार करते हैं, हम एक हैं और एक जैसे हैं. जिस आदमी ने इतने सालों से उन्हें ग़ुलाम बनाया है उसी ने इतने सालों से आपको और मुझे भी ग़ुलाम बनाया है. और हमें बस इतना ही करना है कि नींद से उठे और आपस में एकता और भाईचारे के साथ काम करें और युद्ध समाप्त हो जायेगा. मैं Freedom Now Party का धन्यवाद करता हूँ और मैं मिल्टन और रिचर्ड हेनले का धन्यवाद करता हूँ. और पादरी कलीग को भी… मुझे यहाँ आज निमंत्रण देने के लिए. 

 

और में उन्हें यह बताना चाहता हूँ कि जो कुछ भी अगर मैं कभी भी किसी भी समय कर सका, किसी के भी साथ मिलकर काम करने को, ऐसे किसी भी कार्यक्रम में जो हमारे लोगों की राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक बुराइयों को खत्म करने के लिए ईमानदारी से बनाया गया हो, जो हमारे समाज को सामना करना पड़ रहा है, डेट्रॉइट और दूसरी जगह, बस उन्हें सिर्फ इतना ही करना है कि मुझे एक टेलीफोन करें और मैं अगले ही हवाई जहाज से इस शहर में पहुँचूँगा. (तालियाँ). 

 

मैलकम एक्स
12 अप्रैल, 1964 
डेट्रॉइट, मिशिगन

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