सैयदवाद ही इबलीसवाद है?

Nurun N Zia Momin

  एड0 नुरुलऐन ज़िया मोमिन (Adv. Nurulain Zia Momin) इस लेख को लिखने की आवश्यकता इसलिए महसूस हुई क्योंकि पसमांदा आन्दोलन से सम्बन्धित व्यक्तियों, पसमांदा संगठनो के पदाधिकारियों तथा समर्थकों द्वारा इबलीसवाद, इबलीसवादी तथा इबलीसी जैसे शब्दों का प्रयोग अक्सर अपने लेखों, भाषणों, फेसबुक, व्हाट्सअप जैसी सोशल साइटों पर अपनी पोस्टों तथा बहस के दौरान अपनी […]

कुफ़ू मान्यता और सत्यता

एड0 नुरुलऐन ज़िया मोमिन (Adv. Nurulain Zia Momin) कुफू का शाब्दिक अर्थ बराबर, मिस्ल, हमपल्ला और जोड़ होता है। इस्लामिक विद्वानों (उलेमा) द्वारा ये शब्द सामान्यतः शादी-विवाह (वर-वधू) के सम्बन्ध में प्रयोग किया जाता है, अर्थात जब ये कहा जाता है कि फला फला का कुफू है तो अर्थ ये होता है कि फला फला […]

सैयद व आले रसूल शब्द – सत्यता व मिथक

एड0 नुरुल ऐन ज़िया मोमिन (Adv. Nurulain Zia Momin) सैयद व आले रसूल शब्दों का प्रयोग अजमी (ईरानी और गैर-अरबी) विशेषकर भारतीय उपमहाद्वीप के विद्वानों द्वारा जिस अर्थ में किया जाता है उसका अपने शाब्दिक अर्थ व इस्लामिक मान्यताओं से कोई सम्बन्ध नही है। अधिकांश अजमी विद्वानों द्वारा अपने लेखो,पुस्तको व भाषणों में “सैयद व […]

सवर्ण मुसलमानों के लिए फिक्रमंद सर सयेद अहमद ख़ाँ

एड0 नुरुल ऐन ज़िया मोमिन (Nurulain Zia Momin) इस लेख को लिखने की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि सर सैयद अहमद ख़ाँ साहब को लेकर भारतीय समाज विशेषकर मुस्लिम समाज में बड़ी ही गलत मान्यता स्थापित है. उन्हें मुस्लिम क़ौम का हमदर्द और न जाने किन-किन अलकाबो से नवाजा गया है जबकि जहाँ तक मैंने जाना है […]

ख़ास तौर से पसमांदा मुसलमान मारे जा रहे हैं – अली अनवर अंसारी

Lenin Maududi Ali Anwar

30 जुलाई 2017 को दिल्ली में भीड़ हिंसा (mob lynching) के खिलाफ़ एक विशाल बाइक रैली में अली अनवर साहेब, MP JDU (राज्य सभा) से DEMOcracy के पत्रकार लेनिन मौदूदी की बातचीत लेनिन मौदूदी: सलाम, नमस्ते, आदाब!! आप जुड़े हुए हैं डेमोक्रेसी से और हमारे साथ इस समय अली अनवर साहब हैं. वो भीड़ हिंसा के […]