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बलात्कार ही तो हुआ है, तो क्या हुआ

सुरजीत गग (Surjit Gag) 

बलात्कार ही तो हुआ है
तो क्या हुआ
इंदिरा गाँधी थोड़े न मरी है
जो सरकारी शह पर
कत्लेआम की इजाज़त दे दें!

वह कौन-सा
उस मनमोहन सिंह की बेटी थी
जो कहता था-
मैं भी बेटियों वाला हूँ!

यहाँ तो ऐसे ही चलता है
यहाँ तो ऐसे ही चलेगा  
जितनी मर्ज़ी कैंडलें फूंक लो
जितनी मर्ज़ी छाती पीट लो
तब तक कुछ नहीं होना
जब तक
प्रियंका गाँधी सुरक्षित है
जब तक
असेंबली में
अश्लील फ़िल्में देखने वालों की बेटियों की हिफ़ाज़त
हमारे बेटे करते हैं
और अपनी बेटियों को छोड़ देते हैं
हालात के आधार पर
तब तक
कुछ नहीं होगा

हमारी बेटियाँ तो
लेखों में ही लिखवाकर आई हैं
मैली नज़रें
और मासूम शख्सीयतें

यह ऐसा देश है
जहाँ औरत को देवी कहकर
उसका शोषण किया जाता है
और, मॉडल कहकर
उसके शरीर की नुमाईश लगाई जाती है
यहाँ तो ऐसे ही चलेगा

छोड़ यार
तू क्यूँ सिर पकड़े बैठा है!
बलात्कार ही तो हुआ है!!
आखिर कितनी बड़ी खबर है ये?
किसी मंत्री का कुत्ता थोड़े न गुम हो गया है!!!!

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सुरजीत गग मूलतः पंजाबी भाषा के कवि हैं, व् एक पटकथा लेखक हैं.

मूल रचना: पंजाबी भाषा में, अनुवादक: गुरिंदर आज़ाद  

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