इस फॉर्मेट को बदलना ज़रूरी है

Naaz Khair 1

नाज़ खैर (Naaz Khair) देश भर में बहुजनों ने मान्यवर कांशीराम जी की 85वीं जयंती बहुजन दिवस के तौर पर मनाया. एक पसमांदा कार्यकर्ता के रूप में मैंने भी दिल्ली में आयोजित एक बहुजन दिवस समारोह में भाग लिया और प्रमुख बहुजन मुद्दों के बारे में अपने विश्लेषण प्रस्तुत किए. जिन लोगों को पसमांदा आंदोलन […]

भारत के दलित मुसलमान- किताब समीक्षा

लेनिन मौदूदी (Lenin Maududi) पुस्तक : भारत के दलित मुसलमान; खंड 1-2 लेखक : डॉक्टर अयूब राईन प्रकाशन :  खंड 1 हेरिटेज प्रकाशन, खंड-2 आखर प्रकाशन मूल्य  :  300 रु (प्रति खंड) Emai l:   draiyubrayeen@gmail.com मुस्लिम समाज में जात-पात की बात की जाती है तो इसे सिरे से नकारते हुए इक़बाल का कोई शेर सुना […]

भूख के एहसास को शेरो-सुख़न तक ले चलो

लेनिन मौदूदी (Lenin Maududi) मेरा भाई अल्तमश मुझे आज कल बहुत से नए शायरों से रूबरू करा रहा है. ये शायर इतने प्रगतिशील और क्रांतिकारी हैं कि ये “खुदा की ज़ात” पे भी शेर लिखने से नहीं डरते. पर इनमें से किसी का भी शेर “जाति व्यवस्था’ के खिलाफ़ नहीं पढ़ा है मैंने. ऐसा कैसे […]

फातिमा शेख और सावित्रीबाई फुले के बीच सहयोग

naaz khair

नाज़ खैर (Naaz Khair) आज सावित्रीबाई फुले की जयंती है. भारत की महान समाज सुधारक सावित्रीबाई का जन्म 3 जनवरी 1831 को महाराष्ट्र के सतारा जिले के नायगांव गांव में एक किसान परिवार में हुआ था. 9 बरस में ही उनका विवाह ज्योतिराव फुले के साथ हुआ जो आगे चलकर बाबा साहेब आंबेडकर के प्रेरणा […]

मुस्लिम आरक्षण: पसमांदा के लिए होलोकास्ट जैसा

Nurun N Zia Momin Edited

  एड0 नुरुलऐन ज़िया मोमिन (Adv. Nurulain Zia Momin) तथाकथित मुस्लिम लीडरशिप द्वारा काफी समय से निरन्तर मुस्लिम आरक्षण की माँग की जाती रही है. इधर सच्चर आयोग की उस तथाकथित रिपोर्ट (मुस्लिमों की हालत दलितों से बदतर है) की आड़ लेकर (हालाँकि सच्चर ने ऐसा बिल्कुल नहीं कहा है) ये माँग और तेज कर […]

सर सैयद के जातिवाद की मुखालफत पर अडिग पसमांदा-बहुजन

sir sayyad ahmad khan

राउंड टेबल इंडिया बीते कुछ दिनों से सर सैयद के लेखों और उनकी स्पीचों को लेकर फेसबुक पर लगातार पसमांदा संगठन और बहुजन छात्र विरोध दर्ज करा रहे हैं. आरोप ये है कि सर सैयद अहमद खान ने अपनी किताब असबाब-ए-बगावतें हिन्द के  पृष्ठ: 60 पर भारतीय मुसलमानों की एक जाति को बदज़ात जुलाहा लिखा […]

फिरका बनाम जाति: असरदार कौन?

Nurun N Zia Momin Edited

  एड0 नुरुलऐन ज़िया मोमिन (Adv. Nurulain Zia Momin) मुस्लिम समाज में जिस तरह से जातियाँ और फिरके है वह किसी भी व्यक्ति से छिपे नही हैं, वह चाहे कोई मुस्लिम समाज का जानकार हो या अनभिज्ञ. किन्तु जहाँ मुस्लिम समाज/इस्लाम में मौजूद फिरकों की समस्या को मुस्लिम समाज में मौजूद सभी वर्ग (उच्च, मध्य, […]

हाजी इकबाल पर अनुचित गैंगस्टर एक्ट सहारनपुर के विकास और शोषित-बहुजनों पर हमला है

khalid anis ansari

  खालिद अनीस अंसारी (Khalid Anis Ansari) बसपा के पूर्व एमएलसी और नेता हाजी इकबाल, उनके भाई एमएलसी महमूद अली और दो बेटों को उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने 23 जुलाई को गैंगस्टर एक्ट के तहत निरुद्ध कर दिया एवं पुत्र जावेद अली को गिरफ्तार कर लिया. छेत्र के सभी लोग जानते हैं कि […]

इस्लामिक जाति व्यवस्था बनाम इबलीसवाद【1】

Nurun N Zia Momin Edited

  एड0 नुरुलऐन ज़िया मोमिन (Adv. Nurulain Zia Momin) जब कभी मुसलमानों में विद्यमान जाति व्यवस्था अथवा मुस्लिम समाज में स्थापित जाति आधारित ऊँच-नीच की मान्यता का मुद्दा किसी व्यक्ति अथवा संगठन विशेषकर पसमांदा आन्दोलन से संबंधित संगठनों द्वारा अपने हक-अधिकार व मान-सम्मान【2】 हेतु उठाया जाता है तो फौरन एक स्वर में तथाकथित (धार्मिक, सियासी, […]

अशराफिया समाज के बोल – समुद्र में अदहन

iqbal ansari

  एम्.इकबाल अंसारी (M. Iqbal Ansari) कभी कभी ज़िन्दगी में ऐसी घटनाएँ, ऐसी बातें देखने व् सुनने को मिल जाती हैं जो दिल दिमाग में गहराई तक चोट करती हैं. ऐसी ही कभी न भूलने वाली सवर्ण मुस्लिम शिक्षक द्वारा की गई व्यंग्य पर आधारित यह प्रसंग समुन्द्र में अदहन [अदहन माने ‘खौलता हुआ पानी […]