Vruttant Manwatkar1

मोंटी ने अपने मुहल्ले में ऐसी क्रांति कर दी है कि…

April 30, 2019 Gurinder 0

 वृत्तान्त मानवतकर  (Vruttant Manwatkar) क्योंकि मोंटी उर्फ़ अप्पा एक असली क्रांतिकारी हीरो है. मोंटी ने अपने मुहल्ले में ऐसी क्रांति कर दी है कि आजकल […]

Dhamma

जाति आधारित गैरबराबरी में विश्वास- अवैज्ञानिकता, अनैतिकता और मूर्खता

September 7, 2018 Gurinder 0

  धम्म दर्शन निगम (Dhamma Darshan Nigam) जो इंसान ठगी और दूसरों को मूर्ख बनाने का रास्ता अपनाता है वह सिर्फ दूसरे ठगों द्वारा ही […]

sanjay sharman jothe

पश्चिमी दार्शनिक और भारतीय पोंगा पंडित, एक नजर में

February 8, 2018 Gurinder 0

  संजय जोठे (Sanjay Jothe) बहुजन (ओबीसी, दलित,आदिवासी, अल्पसंख्यक)  समाज को अपनी पहचान और अपना नाम खुद तय करना चाहिए। किसी अंधविश्वासी, शोषक, असभ्य और […]

sanjay sharman jothe

ओशो रजनीश के बुद्ध प्रेम का असली कारण और मकसद क्या है?

December 11, 2017 Gurinder 0

  संजय जोठे (Sanjay Jothe) भारत के ईश्वर-आत्मावादी धर्मगुरु भारत के सबसे बड़े दुर्भाग्य रहे हैं, क्योंकि भारत का परलोकवादी और पुनर्जन्मवादी धर्म इंसानियत के […]

Sanjay Jothe1

शौच और शौचालय की नजर से भारतीय संस्कृति के ‘शीर्षासन माडल’ का विश्लेषण

November 22, 2017 Gurinder 0

  संजय जोठे (Sanjay Jothe) “…. यहाँ जिन लोगों को ब्रह्मपुरुष के मस्तिष्क ने जन्म दिया उनका मस्तिष्क कोइ काम नहीं करता, भुजाओं से जन्मे […]

khakse

आंबेडकरवादी राजनीतिक दर्शन के परिपेक्ष्य में फ़िल्म ‘न्यूटन’ की वैचारिक समीक्षा

November 10, 2017 Gurinder 0

ऋषिकेश देवेंद्र खाकसे (Hrishikesh Devendra Khakse) जीवन के लगभग हरेक क्षेत्र मे प्रतिगामी विचारधारा का नायकत्व विद्यमान है. टेलीव्हिजन, फिल्म तथा माध्यम जगत का क्षेत्र […]