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Tag: दलित

मैं दलित हूँ [एक कविता- एक घोषणापत्र]

Vidyasagar

विद्यासागर (Vidyasagar)   मैं दलित हूँ और मुझे गर्व है मेरे दलित होने पर क्योंकि मैं पला हूँ कुम्हारों के चाकों  पर,मैं पला हूँ श्मशानों के जलते राखों पर,मैं पला हूँ मुसहरों के सूखे कटे पड़े शाखों  पर।मैं दलित हूँ क्योंकिमैंने देखा है अपनी माँ को धुप से तपते हुए खलिहानों  में,मैंने देखा है अपने […]

मधनिषेध की परछाई में दम तोड़ता न्याय

Praveen Kumar

प्रवीण कुमार (Praveen Kumar) मैं अभी वर्तमान समय में विचाराधीन बंदियों के साथ उनकी  सामाजिक विधि सहायता पर कार्य कर रहा हूँ. यह कार्य मैं क्रिमिनल जस्टिस फेलोशिप प्रोग्राम टाटा सामजिक विज्ञानं संस्थान के अंतर्गत कर रहा हूँ. यह फ़ेलोशिप एक प्रकार का फील्ड इंटरवेंशन हैं. इस फ़ेलोशिप की शुरुआत करने का मुख्य उद्देश्य यह […]

बाबा साहेब की ‘दलित’ शब्द को लेकर साफ़ राय

satvendra madara

  सतविंदर मदारा (Satvendar Madara) दलित शब्द के इस्तेमाल को लेकर पिछले काफी समय से विवाद बना हुआ है. भारत की अनुसूचित जातियों का बुद्धिजीवी वर्ग इस विषय पर बुरी तरह बट चुका है और इसके पक्ष और विपक्ष में अलग-अलग दलीलें दी जाती हैं. पिछले दिनों भारत सरकार की तरफ से एक आदेश जारी […]

कालूड़ी गांव जिला बाड़मेर के 70 दलित परिवार गांव छोड़ने को विवश

Bhatta Ram

  भट्टा राम (Bhatta Ram) बाड़मेर जिले (राजस्थान) के पुलिस थाना बालोतरा के अंतर्गत कालूड़ी गांव के मेघवाल जाति जो कि एक अनुसूचित जाति है, के 70 परिवारों को बहिष्कृत कर दिया गया है। कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर कालूड़ी गांव के सवर्ण वर्ग के राजपुरोहितों ने दलितों को ढेढ़, नीच बोलकर पोस्ट लिखा […]

भारत में उभर रही दलित-बहुजन क्रान्ति

sanjay sharman jothe

  संजय जोठे (Sanjay Jothe) भारत के दलितों-बहुजनों के खिलाफ जो अन्याय अत्याचार हुआ है, जो हो रहा है और जो आगे भी कुछ समय तक जारी रहेगा उसके लिए जो लोग जिम्मेदार हैं उनमे बहुत हद तक बहुजनों के हितैषी भी जिम्मेदार हैं. यह एक विचित्र और कठोर वक्तव्य है. लेकिन अनुभव बतलाता है […]

आरक्षण, संविधान और बाबा साहेब के खिलाफ मनुवादी ज़हर

KUNAL RAMTEKE

  कुणाल रामटेके (Kunal Ramteke)  दलितों, आदिवासियों के खिलाफ बढ़ते जुर्म, आरक्षण के खिलाफ बनती नीतियाँ और संविधान के खिलाफ ज़हर उगलने की प्रिक्रिया इस मौजूदा मनुवादी सरकार में भयानक तेज़ी लिए हुए है. हालही में यूथ इक्वलिटी फाउंडेशन और आरक्षण विरोधी पार्टी द्वारा एस.सी./एस.टी. एक्ट में एस.एस/एस.टी समुदायों के हक में संशोधन के खिलाफ […]

हमारा गंदगी से घिरा जीवन तुम्हारे चित्रों का विषय क्यों नहीं?

khakse

एक रिपोर्ट  ऋषिकेश देवेंद्र खाकसे (Hrishikesh Devendra Khakse) विख्यात कवि, चित्रकार तथा शिल्पकार डॉ. सुनील अभिमान अवचार इनके ‘आउटकास्टेड एक्सप्रेशन’ नामक चित्रप्रदर्शनी मुम्बई स्थित ‘टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान’ में सम्पन्न ‘महिलाओं के सवेतन और अवैतनिक कार्य की बदलती रूपरेखा’ इस विषयपर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के मौके पर दिनांक 12 एवं 13 जुलाई 2018 को सम्पन्न हुई.  […]

बहुजन भारत के निर्माण का सबसे आसान और कारगर उपाय क्या है?

sanjay jothe

  संजय जोठे (Sanjay Jothe) क्या आपको पशु पक्षियों या पेड़ पौधों में ऐसी प्रजातियों का पता है जो अपने ही बच्चों के लिए कब्र खोदती है? या अपने ही बच्चों का खून निकालकर अपने दुश्मनों को पिलाती है? मैंने तो आजतक ऐसा कोई जानवर या पक्षी या पेड़ नहीं देखा जो अपने बच्चों के […]

दलित-आदिवासी महिला स्वाभिमान यात्रा – जारी है

aidmam 5

शिक्षित बनो                संगठित बनो                संघर्ष करो दलित आदिवासी महिला स्वाभिमान यात्रा  23 अप्रैल 2018 से 2 मई 2018 तक  अपील  साथियों जय भीम ! दलित -आदिवासी महिला स्वाभिमान यात्रा ऐसा एक प्रयास है जो मानवाधिकारों के विभिन्न मुद्दों को सामने लाना […]

‘मैं शब्द-दर-शब्द कविता हूँ’: गुरिंदर आज़ाद के काव्य संग्रह ‘कंडीशंस अप्लाई’ का लोकार्पण

  ‘कंडीशंस अप्लाई’ हिंदी काव्य संग्रह का लोकार्पण 29 सितम्बर (4:00pm – 8:00pm, Auditorium, SSS-I, JNU) को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में   गुरिंदर आज़ाद कवि और दलित एक्टिविस्ट हैं। उनके लेखे डाक्यूमेंट्री फिल्म निर्माण, पत्रकारिता, सामाजिक विषय लेखन जैसे अन्य काम भी हैं। बठिंडा के एक मार्क्सवादी परिवार में जन्में। तज़ुर्बों की खाक़ छानते छानते […]