सुपर हीरो की दुनिया में नस्लवाद: ‘वॉचमेन’ की समीक्षा

Lenin Maududi

लेनिन मौदूदी (Lenin Maududi) 31 मई 1921 की बात है, जिला ग्रीनवुड (Greenwood district) के ओक्लाहोमा (Oklahoma) में स्थित टुल्सा (Tulsa) के एक सिनेमाघर में एक बच्चा फ़िल्म देख रहा है. फ़िल्म का नायक एक नकाबपोश काला हीरो है. जो गोरों की जान बचाता है, सभी उससे प्यार करते हैं. बच्चा उस हीरो को देख कर फ़िल्म का आनंद ले […]

भारतीय संस्कृति किसकी है, बहुजनों की या ब्राह्मण धर्म की?

Amit Kumar Mumbai

अमित कुमार (Amit Kumar) हिन्दू कोई धर्म नहीं है, कथित ज्ञाता सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने कहा, इस पर कोई बवंडर नहीं मचा. हिन्दू कोई धर्म नहीं है, 1995 के प्रसिद्ध हिंदुत्ववाद में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा इस पर भी कोई हंगामा नहीं हुआ. हिन्दू कोई धर्म नहीं बल्कि एक संस्कृति है, वीर सावरकर ने कहा, तब सब जमूरों की तरह झूमने […]

भीम जीवन कथा (कविता)

Deepak Mevati

दीपक मेवाती ‘वाल्मीकि’ (Deepak Mevati ‘Valmiki’)     महाराष्ट्र का गाँव अंबावडे, अंबावडे में रहते सकपाल घर उनके जन्मा एक बालक, आगे चल जिसने किये कमाल। चौदह अप्रैल अठारह सौ इक्यानवे, जिस पल भीम का जन्म हुआ चौदहवीं सन्तान भीमा ने पाई, भीम था उसको नाम दिया।।   हष्ट-पुष्ट और चंचल बालक, अति बुद्धि और ज्ञानवान पढ़ाई में बिल्कुल अव्वल […]

भारत की नई धार्मिक क्रांति के जनक बाबा साहब अंबेडकर

sanjay Shraman Jothe

संजय श्रमण जोठे (Sanjay Shraman Jothe) भगवान बुद्ध ने अपने आध्यात्मिक अनुशासन की रचना करते हुए जिस अष्टांग मार्ग को बुना है, उसमें सम्यक दृष्टि सबसे ऊपर आती है। उसके बाद जो सात चरण हैं वे इसी सम्यक दृष्टि पर ही आधारित हैं। इसी श्रमण परंपरा में निगंठनाथ सुत्त भगवान महावीर भी आते हैं जो कि श्रमण जैन परमपरा के […]

ज्योतिबा फूले: भारतीय आधुनिकता के पिता

sanjay sharman jothe

संजय श्रमण जोठे (Sanjay Shraman Jothe) ज्योतिबा फुले के जन्मदिन पर आप एक बात गौर से देख पाएंगे। गैर बहुजनों के बीच में ही नहीं बल्कि बहुजनों अर्थात ओबीसी, अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों के लोगों के बीच भी ज्योतिबा फुले को उनके वास्तविक रूप में पेश करने में एक खास किस्म की कमजोरी नजर आती है। ओबीसी अनुसूचित […]

अछूतों की बस्ती

Rahul Sonpimple

राहुल सोनपिंपले (Rahul Sonpimple)   बीफ की दो बोटियाँ तोड़ के आधा गीला शरीर घर के उस कोने की तपी दिवार पे रख के बीड़ी के दो कश लगाना सुकून भरा तो रहा होगा हम्म हम्म करते हुए बच्चों की बस आधी बात सुनके हर रोज़ गहरी नींद में डूब जाना आदत थी? या उन् निक्कमे साइकिल रिक्शा के दो […]

कोविड-19 : योग्यता के मिथक को तोड़ता हुआ भीलवाड़ा

Neeraj Thinker

नीरज ‘थिंकर’ (Neeraj Thinker) पूरी दुनिया जब कोरोना जैसी भयंकर वैश्विक महामारी से जूझ रही है तो उसमें भारत देश भी शामिल है जो इस महामारी की चपेट में आ चुका है, भारत में पहला केस केरल राज्य में 30 जनवरी 2020 को दर्ज किया गया और 3 फ़रवरी तक यह संख्या बढ़कर तीन हो गई, वायरस से संक्रमित सभी […]

कोरोना के बाद के अकल्पनीय संसार के लिए तैयार रहें

Jaspal Singh Sidhu

कुछ ज़रूरी बातें जसपाल सिंह सिद्धू (Jaspal Singh Siddhu चीन ने एक मोबाइल एप तैयार की है जिसका मकसद कोरोना वायरस के पीड़ितों के ऊपर नियंत्रण करना है. यह एप मोबाइल धारकों की सारी जानकारी सरकार को भेजती है. इस वक़्त यह एप कोरोना की रोकथाम के लिए कारगर भी साबित हो सकती है लेकिन इसके इस्तेमाल से जीवन की […]

1857 की क्रांति में वाल्मीकि समाज का योगदान- पुस्तक समीक्षा

Deepak Mevati

वाल्मीकियों के अदम्य साहस की साक्षी पुस्तक – 1857 की क्रांति में वाल्मीकि समाज का योगदान दीपक मेवाती ‘वाल्मीकि’ (Deepak Mevati ‘Valmiki’) पुस्तक का नाम – 1857 की क्रांति में वाल्मीकि समाज का योगदान लेखक – डॉ.प्रवीन कुमार  कुल पृष्ठ  – 80 (अस्सी)  मूल्य – 60 (साथ रूपये)  प्रथम संस्करण  –  2019   प्रकाशक –  कदम प्रकाशन दिल्ली – 110086    जो […]

ब्राह्मण – दलितों के ‘सच्चे उद्धारक’

Neeraj Thinker

व्यंग्य नीरज ‘थिंकर’ (Neeraj Thinker) बात जब भी सामाजिक उत्थान की आती है जिसमें खासकर ब्राह्मणवाद के ज़रिये हाशिये पर धकेल दिए गए वंचित समाज की स्थिति में सुधार की बात हो तो ब्राह्मण वर्ग से आने वाला एक तबका एक दम इसमें कूद पड़ता है. समझ में यें नहीं आता है कि इनको सामाजिक परिवर्तन की ज्यादा उत्सुकता या […]