नवयान दर्शन : बुद्ध की शिक्षाओं का आधुनिक विवेचन (पुस्तक समीक्षा)

September 28, 2025 Gurinder 0

भिक्खुनी विजया मैत्रीय (Bhikkhuni Vijaya Maitriya) किताब का शीर्षक: नवयान दर्शन : बुद्ध की शिक्षाओं का आधुनिक विवेचन लेखक: डॉ. रत्नेश कातुलकर पृष्ठ संख्या: 264 […]

धन और बाहुबल से परे: जाति कैसे डी.यू. की राजनीति को आकार देती है

September 17, 2025 Gurinder 0

आशुतोष सिंह बोद्ध (विद्रोही)/ Ashutosh Singh Boddh (Vidrohi) हर साल, छात्र संघ चुनावों के आते ही, दिल्ली विश्वविद्यालय एक भव्य तमाशे में बदल जाता है। […]

मानसिक स्वास्थ्य का दाग़ और एक ब्राह्मण परिवार का अनुभव

September 7, 2025 administrator 0

मेरे पिता की बीमारी ने एक ब्राह्मण परिवार में अर्ध-बहिष्कृत होने का अर्थ परिभाषित कर दिया। इस नवउदारवादी युग में, एक ब्राह्मण परिवार में, प्रतिष्ठा और सम्मान व्यक्ति के व्यवसाय से जुड़े होते थे, और सम्मान जातिगत स्थिति से। मेरे पिता अपनी मानसिक बीमारी का पता चलने से पहले एक सरकारी कर्मचारी थे। मनोरोग दवाओं की भारी खुराक के कारण उनका काम और पदोन्नति पर बुरा असर पड़ा। किसी व्यक्ति की कामकाजी हेसियत उसके अपने कर्तव्य निभाने और परिवार की देखभाल करने के व्यक्तिगत गुणों से जुड़ी होती है। उसमें वे असफल रहे क्योंकि कार्यालय की संरचना एक स्वस्थ शरीर वाले व्यक्ति पर आधारित थी, जिसे कोई मानसिक स्वास्थ्य समस्या न हो। सिज़ोफ्रेनिया उनकी पहचान से गहराई से जुड़ गया। एक विशेषता जिसने उन्हें सुरक्षित रखा, वह थी ब्राह्मण पुरुष होने की उनकी जातिगत स्थिति।

सामाजिक न्याय में मात्र जातिगत आंकड़े पर्याप्त नहीं !

May 30, 2025 administrator 0

अच्छेलाल प्रजापति (Achchhelal Prajapati) भारत में जाति सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक संरचना का एक केंद्रीय तत्व रही है, जो संसाधनों के वितरण और सामाजिक असमानताओं […]

‘फुले’ फिल्म की आंबेडकरी दृष्टिकोन से समीक्षा

May 28, 2025 administrator 0

महात्मा ज्योतिराव फुले आधुनिक युग में शोषित बहुजन समाज के सशक्तिकरण के पहले क्रांतिकारी विचारक थे। उन्होंने ब्राह्मणवादी सत्ता संरचना के आर्थिक, सामाजिक और धार्मिक-सांस्कृतिक वर्चस्व को सीधे चुनौती दी। ‘गुलामगिरी’, ‘शेतकऱ्याचा आसूड’ जैसी उनकी किताबों ने शोषण की व्यवस्था की जड़ें उजागर कीं। “सत्यशोधक समाज”  की स्थापना कर उन्होंने एकेश्वरवादी सार्वजनिक सत्यधर्म की नींव रखी, जिसने हिंदू ब्राह्मणी धर्म की सत्तासंरचना को जोरदार झटका दिया। छत्रपती शिवाजी महाराज की समाधि की खोज और “शिवाजी जयंती मनाने की शुरुआत”  जैसे कार्यों से उन्होंने बहुजन समाज को ऐतिहासिक प्रेरणा देने का प्रयास किया। सावित्रीबाई फुले के साथ उन्होंने स्त्री शिक्षा और दलित-बहुजन उत्थान के लिए अथक संघर्ष किया। लेकिन ‘फुले’ फिल्म इस क्रांतिकारी विरासत को धुंधला करती है और फुले की एक अलग ही छवि प्रगट करती है।

क्या कांशीराम जी वाल्मीकि समाज के साथ थे ?

March 17, 2025 Gurinder 0

इस वर्गीकरण के फैसले के पक्ष में जहाँ अधिकतर वाल्मीकि जाति के लोग समर्थन में दिखे, वहीं अधिकतर चमार जाति के लोगों ने इसका विरोध किया। इस फैंसले के आने के बाद भारत बंद भी किया गया और दोनों जातियों की तरफ से हिंसा की जाने की भी बातें करी जाने लगीं। सोशल मीडिया के माध्यम से दोनों जातियाँ एक दूसरे को नीचा दिखाने लगीं।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के पक्ष या विपक्ष में होना एक अलग विषय है जिसपर बहस हो सकती है, लेकिन यह इस लेख का उद्देश्य नहीं है। यहाँ उद्देश्य वाल्मीकि समाज के उन दावों को जाँचना है जो कहते हैं कि कांशीराम जी ने वाल्मीकि समाज के साथ सौतेला व्यवहार किया। इस विषय पर लिखना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि जो दलित-आदिवासी-पिछड़ा आंदोलन या बहुजन आंदोलन भारत देश में असमानता पर आधारित मनुवादी विचारधारा के ख़िलाफ़ खड़ा है इस तरह के वाद-प्रतिवाद से अपरिपक्व मालूम पड़ता है। लोग अपने असली मकसद से भटके प्रतीत होते हैं और लड़ाई की धार भी कुंद होती है। समता-समानता के लिये लड़ने वाले महापुरुषों का आंदोलन आगे बढ़ने की जगह पीछे जाता हुआ नज़र आता है।

दीक्षाभूमि बचाओ! अंडरग्राउंड पार्किंग का निर्माण बंद करो !!

June 29, 2024 administrator 0

दीक्षाभूमि वह स्थल, जहाँ 14 अक्टूबर 1956 को डॉ. बाबासाहेब आम्बेडकर ने अपने लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म की दीक्षा ली थी, आज अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रहा है. हालात यही रहे तो यहाँ धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस पर आने वाले जनसमूह का प्रवेश हमेशा के लिये प्रतिबंधित हो जाएगा.

कारण यह है कि इस स्थल पर महाराष्ट्र सरकार के आदेशानुसार पिछले कुछ महीनों से इस परिसर की ज़मीन खोद कर वाहनों के लिये तीन मंज़िली पार्किंग का निर्माण शुरु हो गया है. अब तक इतनी ज्यादा मिट्टी खोदी जा चुकी है कि उसका ढेर दीक्षाभूमि के स्तूप की बराबरी कर चुका है.