गंभीर मुद्दों की ओर इशारे हैं ‘न्यूटन’ फिल्म में- एक समीक्षा
लेनिन मौदूदी (Lenin Maududi) जब सरकार चुनाव सिर्फ इसलिए कराए ताकि ये दिखा सके कि किसी क्षेत्र विशेष पर अब उसका अधिकार है तब ऐसे […]
लेनिन मौदूदी (Lenin Maududi) जब सरकार चुनाव सिर्फ इसलिए कराए ताकि ये दिखा सके कि किसी क्षेत्र विशेष पर अब उसका अधिकार है तब ऐसे […]
एड0 नुरुल ऐन ज़िया मोमिन (Adv. Nurulain Zia Momin) सैयद व आले रसूल शब्दों का प्रयोग अजमी (ईरानी और गैर-अरबी) विशेषकर भारतीय उपमहाद्वीप के विद्वानों […]
लेनिन मौदूदी (Lenin Maududi) प्रगति के समर्थक प्रत्येक व्यक्ति के लिए यह अनिवार्य है कि वह पुराने विश्वास से संबंधित हर बात की आलोचना करे, उसमें […]
संजय जोठे (Sanjay Jothe) बुद्धिजीवी किसी “एक समुदाय से” जरुर हो सकता है लेकिन किसी “एक समुदाय का” नहीं होता. भारत जैसे असभ्य समाज में […]
तेजस्विनी ताभाने पिछले महीने मैंने एक लेख ‘हम में से कुछ को तमाम उम्र लड़ना होगा: अनूप कुमार’ राउंड टेबल इंडिया (अंग्रेजी) पर पढ़ा था, […]
पंडित बख्शी राम (Pandit Bakhshi Ram) आदि धर्म आन्दोलन के बाद जालंधर में पंजाब भर के वाल्मीकियों का 1933 में सम्मलेन हुआ. स्वागती कमेटी बनी […]
पंडित बख्शी राम (Pandit Bakhshi Ram) जालंधर म्युन्सिपल कमेटी पर क़ाज़ी बशीर अहमद का कब्ज़ा था और उसके मुकाबले शेख गुलाम मोहम्मद का ग्रुप था. […]
संजय जोठे (Sanjay Jothe) भारत का अध्यात्म असल में एक पागलखाना है, एक ख़ास तरह का आधुनिक षड्यंत्र है जिसके सहारे पुराने शोषक धर्म और […]
गुरिंदर आज़ाद (Gurinder Azad) अलग सिख राज्य की मांग जो काफी समय से खालिस्तान के लिए जद्दोजेहद में तब्दील हो चुकी है, एक काबिल-ए-गौर प्रश्न […]
लेनिन मौदूदी (Lenin Maududi) कुछ दिनों पहले एक फ़िल्म देखी The Birth of A Nation. ये फ़िल्म नैट टर्नर नामक गुलाम पे आधारित है जिसने गुलामी […]
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