ब्लैक पैंथर – समीक्षा

June 10, 2018 Gurinder 0

लेनिन मौदूदी (Lenin Maududi)  आमतौर से अफ्रीका के लोगो को गरीब-मज़लूम, बर्बर , असभ्य दिखाया जाता है. इस फ़िल्म ने कल्पना में ही सही पर […]

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आंबेडकरवादी राजनीतिक दर्शन के परिपेक्ष्य में फ़िल्म ‘न्यूटन’ की वैचारिक समीक्षा

November 10, 2017 Gurinder 0

ऋषिकेश देवेंद्र खाकसे (Hrishikesh Devendra Khakse) जीवन के लगभग हरेक क्षेत्र मे प्रतिगामी विचारधारा का नायकत्व विद्यमान है. टेलीव्हिजन, फिल्म तथा माध्यम जगत का क्षेत्र […]

पी.के. कभी नहीं कह पायेगा ‘तोहार बॉडी पर जाति का ठप्पा किधर है’

October 5, 2017 Gurinder 0

लेनिन मौदूदी (Lenin Maududi) प्रगति के समर्थक प्रत्येक व्यक्ति के लिए यह अनिवार्य है कि वह पुराने विश्वास से संबंधित हर बात की आलोचना करे, उसमें […]

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कैलाश वानखेड़े की बहुआयामी कथा ‘जस्ट डांस’ को सम्मान

August 29, 2017 Gurinder 0

  कथाकार कैलाश वानखेड़े हिंदी साहित्य के क्षेत्र में अपनी हर नई कहानी के साथ गाढ़े होते हस्ताक्षर हैं. उनके कहानी संग्रह ‘सत्यापन’ ने अपने […]

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कबाली – दलित पृष्ठभूमि पर बनी एक बेहतरीन फिल्म

July 29, 2016 Super User 0

राजेश राजमणि  पी ए  रंजीत की फिल्म होने के नाते, यह आश्चर्य की बात नहीं है कि इस फिल्म के बहुत सारे सामाजिक संवाद अम्बेडकरवादी विचारधारा […]