मराठी और हिंदी दलित आत्मकथाओं में स्त्री चिंतन
डी. अरुणा (D. Aruna) आत्मकथा में आत्म का सम्बन्ध लिखने वाले से है और कथा का सम्बन्ध उसके समय और परिवेश से है. कोई […]
डी. अरुणा (D. Aruna) आत्मकथा में आत्म का सम्बन्ध लिखने वाले से है और कथा का सम्बन्ध उसके समय और परिवेश से है. कोई […]
एम्.इकबाल अंसारी (M. Iqbal Ansari) कभी कभी ज़िन्दगी में ऐसी घटनाएँ, ऐसी बातें देखने व् सुनने को मिल जाती हैं जो दिल दिमाग में […]
लेनिन मौदूदी (Lenin Maududi) गालियाँ लगभग हर भाषा हर ज़ुबान में मौजूद है. तो क्या गालियाँ भाषा की सामाजिकता का अनिवार्य हिस्सा है? शायद हाँ! […]
मेरे प्रिय बिहारवासियों, आप सबों के नाम ये पत्र लिख रहा हूँ और याद कर रहा हूँ अन्याय और ग़ैर बराबरी के खिलाफ अपने […]
गणपत राय भील (Ganpat Rai Bheel) बदीन ज़िले में एक भील जाति के नौजवान की लाश को उसके क़ब्र से खोद कर बाहर निकाल […]
संजय जोठे (Sanjay Jothe) “…. यहाँ जिन लोगों को ब्रह्मपुरुष के मस्तिष्क ने जन्म दिया उनका मस्तिष्क कोइ काम नहीं करता, भुजाओं से जन्मे […]
शैलेन्द्र रंगा (Shailender Ranga) मेरी कविता कड़वी कविता वो बात करे अधिकार की तेरी कविता मीठी कविता उसे आदत है सत्कार की […]
जनकवि सचिन माली प्रिय लोकतंत्र बता अपनी भूख को हम कैसे मिटायें ? भूख से बिलबिलाते एड़ियां घिसकर मरते लोगों का आक्रोश खाएँ ? या […]
मनीषा मशाल दलित महिलाओं की आवाज को किसी भी कीमत पर उठाने के लिए कटिबद्ध हूँ. क्योंकि यदि हम इन स्वरों को बाहर नहीं आने […]
संजय कुमार जब मैं उत्तर प्रदेश के एक कॉलेज में पढ़ाता था और मायावतीजी उस समय उत्तर प्रदेश की मुख्य मंत्री थी ..तब एक कर्मचारी […]
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